यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य
लखनऊ उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-फरोख्त को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 1 फरवरी 2026 से प्रदेश के सभी उप-निबंधक कार्यालयों में संपत्ति रजिस्ट्री के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
नए नियमों के तहत अब खरीदार, विक्रेता और गवाहों का बायोमेट्रिक सत्यापन तथा ई-केवाईसी (e-KYC) किया जाएगा। इसके साथ ही ई-हस्ताक्षर के माध्यम से आधार से पहचान स्थापित करना भी जरूरी होगा।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी रजिस्ट्री, छद्म व्यक्तियों और भूमि घोटालों पर पूरी तरह रोक लगेगी। यह नियम उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली के तहत लागू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, आधार आधारित प्रमाणीकरण से न केवल रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भूमि विवादों में भी कमी आएगी। साथ ही यह कदम प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से आम नागरिकों को सुरक्षित, तेज़ और भरोसेमंद रजिस्ट्री सेवा मिलेगी।






