झांसी में घूसखोरी का बड़ा खुलासा: सीबीआई ने सेंट्रल जीएसटी के तीन अफसरों समेत पांच को दबोचा, 1.60 करोड़ नकद बरामद
झांसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई ने झांसी में बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेंट्रल जीएसटी विभाग के तीन अधिकारियों को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में एक कारोबारी और एक अधिवक्ता भी सीबीआई के शिकंजे में आ गए हैं। छापेमारी के दौरान कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है।
🕵️♂️ पहले से बिछा था जाल
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम मंगलवार को ही झांसी पहुंच गई थी और पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि जय दुर्गा हार्डवेयर पर हुई जीएसटी कार्रवाई को “मैनेज” करने के नाम पर भारी रकम की मांग की जा रही है। इसके बाद अफसरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
🚨 बुधवार सुबह एक साथ छापेमारी
बुधवार तड़के सीबीआई ने झांसी के अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश दी। सीपरी बाजार, सेवाराम मिल कंपाउंड, आरएनएस वर्ल्ड स्कूल के पास और इलाहाबाद बैंक तिराहे के आसपास कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—
प्रभा भंडारी (आईआरएस, 2016 बैच), उप आयुक्त, सीजीएसटी झांसी
अनिल तिवारी, अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी
अजय कुमार शर्मा, अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी
राजू मंगनानी, मालिक, जय दुर्गा हार्डवेयर
नरेश कुमार गुप्ता, अधिवक्ता
💰 छापे की कार्रवाई को दबाने की कीमत 70 लाख
बताया जा रहा है कि करीब आठ दिन पहले जय दुर्गा हार्डवेयर पर सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मारा था। उसी कार्रवाई में राहत देने और आगे की जांच रोकने के एवज में 70 लाख रुपये की रिश्वत तय की गई थी। रकम की अदायगी के दौरान ही सीबीआई ने ट्रैप कर लिया।
📵 कार्रवाई की भनक लगते ही अफसरों के फोन बंद
सीबीआई की कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि स्थानीय स्तर पर किसी को भनक तक नहीं लगी। हालांकि शाम होते-होते जैसे ही खबर फैली, कई जीएसटी अफसरों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए।
🔍 पूछताछ जारी, और खुलासों की उम्मीद
सीबीआई सभी आरोपियों को गोपनीय स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में और अफसरों की भूमिका, पुराने लेन-देन और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।



