कानपुर के गूगल गोल्डन बाबा फिर सुर्खियों में, अनोखे संकल्प और बड़े ऐलान ने खींचा देश का ध्यान

कानपुर। सोने के प्रति अपने अनोखे प्रेम और अलग पहचान के लिए देश-दुनिया में मशहूर कानपुर के गूगल गोल्डन बाबा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। आमतौर पर 4 से 5 किलो तक सोने के आभूषण पहनने वाले गोल्डन बाबा अपने नए संकल्प और बड़े ऐलान को लेकर सुर्खियों में हैं।
जूते त्याग कर ली भीष्म प्रतिज्ञा
गोल्डन बाबा ने करीब दो साल पहले एक कठोर भीष्म प्रतिज्ञा ली थी। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे।
इस प्रतिज्ञा से पहले गोल्डन बाबा करीब 4.50 किलो वजनी चांदी के विशेष जूते पहनते थे, जो उनकी अलग पहचान बन चुके थे। लेकिन संकल्प लेते ही उन्होंने उन चांदी के जूतों को पूरी तरह त्याग दिया।
दो साल से नंगे पांव, संकल्प पर अडिग
गोल्डन बाबा बीते दो वर्षों से लगातार नंगे पांव रह रहे हैं। गर्मी, सर्दी और बरसात—हर मौसम में वे अपने संकल्प पर अडिग नजर आते हैं। उनका कहना है कि यह संकल्प केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और आस्था से जुड़ा हुआ है।
सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ का हुआ निर्माण
अपने संकल्प को और मजबूती देने के लिए गोल्डन बाबा ने “सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ” का निर्माण भी कराया है। यह रथ देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और बाबा इसी के माध्यम से अपने संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
श्रद्धालुओं में चर्चा का विषय
गोल्डन बाबा का यह अनोखा संकल्प श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कोई इसे अटूट आस्था मान रहा है तो कोई इसे राजनीतिक विश्वास का प्रतीक बता रहा है।
फिलहाल, कानपुर के गूगल गोल्डन बाबा अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से डटे हुए हैं और देश की राजनीति पर उनकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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