ग्राम संतृप्तिकरण अभियान की शुरुआत, 17,670 स्वयं सहायता समूह गठन का लक्ष्य

देवरिया में महिलाओं को आजीविका से जोड़कर बनाया जाएगा आर्थिक रूप से सशक्त

देवरिया  ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में ग्राम संतृप्तिकरण अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के अंतर्गत जनपद में 17,670 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 2,29,970 सदस्यों को जोड़ने तथा पूर्व में गठित समूहों में 83,175 नए सदस्यों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अभियान के माध्यम से जनपद के सभी विकास खंडों की 1,121 ग्राम पंचायतों में पात्र एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। विशेष रूप से अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, मनरेगा जॉब कार्ड धारक तथा जीरो पॉवर्टी सूची में शामिल परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
अभियान का शुभारंभ ग्राम पंचायत तवकलपुर, विकास खंड तरकुलवा में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण अनिल कुमार द्वारा जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया। रैली में स्वयं सहायता समूह की 148 सदस्याओं सहित 73 अन्य महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
रैली के उपरांत आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम में छह स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ‘अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ के माध्यम से समूह से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया। इससे उपस्थित महिलाओं को समूह से जुड़ने के लिए प्रेरणा मिली।
परियोजना निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जिन पात्र एवं वंचित परिवारों की महिलाएं अब तक स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ पाई हैं, उन्हें इस अभियान के माध्यम से जोड़ा जाएगा। मार्च 2026 तक यह अभियान जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।

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