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नाथद्वारा के महादेव मंदिर में सावन की भक्ति, प्रतिदिन हो रहा भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक

नाथद्वारा। सावन मास के पावन अवसर पर नाथद्वारा स्थित प्राचीन बाहदेव मंदिर में इन दिनों श्रद्धा और आस्था का विशेष वातावरण देखने को मिल रहा है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। भक्तों द्वारा बेलपत्र, पुष्प, दूध, जल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की जा रही है।

मंदिर में भैरू नाथ शर्मा पंडित जी द्वारा श्रद्धालुओं को विधि-विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक कराया जाता है। श्रद्धालुओं को पूजा की विधि समझाते हुए मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक एवं पूजन कराया जाता है। सुबह से ही मंदिर परिसर में भगवान शिव के जयकारों और धार्मिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहता है।

सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में सावन मास को भगवान शिव की भक्ति और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करने की विशेष धार्मिक परंपरा है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है। इसी आस्था के चलते बाहदेव मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है।

श्रीनाथजी मंदिर के मार्ग पर होने से श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व

बाहदेव मंदिर की एक विशेषता यह भी है कि यह श्रीनाथजी मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है। मंदिर से प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर की दूरी लगभग 500 मीटर है। ऐसे में श्रीनाथजी के दर्शन के लिए आने-जाने वाले कई श्रद्धालु बाहदेव मंदिर में भी रुककर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक करते हैं।

श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ बाहदेव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव बनता जा रहा है। यहां आने वाले भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के साथ जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को आध्यात्मिक रूप से और भी विशेष बनाते हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आसपास बेहतर व्यवस्था

मंदिर के समीप ही होटल लोकप्रिय इन होटल एंड रेस्टोरेंट भी स्थित है, जो यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए बजट श्रेणी में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने वाला जाना-पहचाना होटल है। श्रीनाथजी मंदिर के नजदीक होने के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए यह क्षेत्र ठहरने और भोजन की दृष्टि से सुविधाजनक माना जाता है।

सावन मास के दौरान नाथद्वारा में धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ बाहदेव मंदिर में भी भक्तों की आस्था देखने को मिल रही है। सुबह से लेकर दिनभर श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।

बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा मंदिर परिसर

सावन के इस पवित्र महीने में बाहदेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भक्ति देखते ही बन रही है। जलाभिषेक के दौरान “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठता है। श्रद्धालुओं के लिए यह केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने का पावन माध्यम भी बना हुआ है।

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