नाथद्वारा में गूंजा गणपति बप्पा का जयघोष, श्रीजी फौज कमेटी के आयोजन में भक्ति और संगीत का दिखा अद्भुत संगम
■ तरंग म्यूजिक ग्रुप की शानदार प्रस्तुति पर झूमे श्रद्धालु, डीजे-बैंड, आतिशबाजी और आकर्षक लाइटिंग ने बांधा समां
नाथद्वारा। भगवान श्रीगणेश की भक्ति और धार्मिक उल्लास से नाथद्वारा नगरी का वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रीजी फौज कमेटी द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीगणेश जी की पूजा-अर्चना की और भजनों पर जमकर झूमे। कार्यक्रम में भक्ति के साथ संगीत, रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ऐसा संगम देखने को मिला कि देर रात तक पूरा वातावरण गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ श्रीगणेश जी के पूजन एवं आरती से हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि, शांति तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी का स्मरण एवं पूजन करने की परंपरा सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखती है।
तरंग म्यूजिक ग्रुप की प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम में तरंग म्यूजिक ग्रुप द्वारा शानदार संगीत प्रस्तुति दी गई। भक्ति गीतों और गणेश वंदना की मधुर धुनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे-जैसे भजनों की धुन तेज होती गई, श्रद्धालु भी भक्ति में सराबोर होकर नाचते और जयकारे लगाते नजर आए।
डीजे, बैंड-बाजे, आकर्षक लाइटिंग सिस्टम, आतिशबाजी और भव्य स्टेज प्रस्तुति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंच और संगीत की शानदार प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं ने गणेश भजनों पर जमकर नृत्य किया और माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
भक्ति के साथ सम्मान की परंपरा भी निभाई
श्रीजी फौज कमेटी की ओर से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले पत्रकारों, समाजसेवियों, तरंग म्यूजिक ग्रुप तथा कुशल घोड़ा संचालकों का सम्मान किया गया। कमेटी के सदस्यों ने सभी को पटिका पहनाकर सम्मानित किया और आयोजन में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने श्रीजी फौज कमेटी के इस प्रयास की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा, संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति आस्था को मजबूत करने का अवसर मिलता है।
गणेश पूजन का विशेष महत्व
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और मंगल के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से गणेश जी की आराधना करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। गणेश चतुर्थी सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर गणेश प्रतिमा की स्थापना और पूजा-अर्चना की परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय है।
नाथद्वारा में आयोजित इस कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष अपनी श्रद्धा अर्पित की और परिवार एवं समाज की सुख-शांति की प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रम का आनंद लिया। भक्ति, संगीत, रोशनी और सांस्कृतिक रंगों से सजा यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।
श्रीजी फौज कमेटी के आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता और प्रतिभाओं के सम्मान को जोड़कर समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।




