टहरौली पहुंचा शक्ति कलश, 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का हुआ शंखनाद
रिपोर्ट – ओमप्रकाश उदैनियां
टहरौली (झांसी)। टहरौली में जनवरी 2027 में प्रस्तावित 108 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में शांतिकुंज हरिद्वार से विधि-विधान के साथ शक्ति कलश टहरौली पहुंचाया गया। शक्ति कलश के आगमन से क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
शक्ति कलश लाने के लिए टहरौली सहित आसपास के क्षेत्रीय शक्तिपीठों से करीब 65 श्रद्धालुओं का दल बस द्वारा शांतिकुंज हरिद्वार पहुंचा था। वहां निर्धारित विधि-विधान से टहरौली टोली को शक्ति कलश सौंपा गया। श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति प्रतीक्षालय से शक्ति कलश प्राप्त कर उसे अपने सिर पर धारण किया और समाधि स्थल तक लेकर पहुंचे।
अगले दिन टहरौली टोली ने पुनः शक्ति कलश प्राप्त किया। इस दौरान गायत्री माता एवं पूज्य गुरुजी-माताजी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु शक्ति कलश को लेकर टहरौली के लिए रवाना हुए।
टहरौली पहुंचने पर शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं द्वारा शक्ति कलश का उत्साहपूर्वक पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शक्ति कलश को गायत्री मंदिर में स्थापित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, जनवरी 2027 में होने वाले 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ से पूर्व इस शक्ति कलश को आसपास के गांवों और नगरों में भ्रमण कराया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा शक्ति कलश का श्रद्धापूर्वक पूजन किया जाएगा और लोगों को महायज्ञ से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
शक्ति कलश के टहरौली आगमन के साथ ही आगामी राष्ट्र शौर्य समृद्धि 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आध्यात्मिक शंखनाद हो गया है।





