बारिश के बाद सामने आई सड़क की बदहाली, पांच महीने पहले बनी सड़क पर उठे सवाल
लुधियाना। शहर में हुई बारिश के बाद एक बार फिर सड़कों की बदहाली का मुद्दा सामने आया है। धोबी घाट से सनातन स्कूल तक जाने वाली सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने और सड़क की सतह खराब होने की तस्वीरें सामने आई हैं।
स्थानीय स्तर पर बनाई गई वीडियो में सड़क की मौजूदा स्थिति को दिखाते हुए स्मार्ट सिटी के दावों और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि जिस सड़क का निर्माण हुए अभी करीब पांच महीने ही हुए हैं, वह इतनी कम अवधि में खराब हालत में पहुंच गई है तो इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता और बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जनता की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना मकसद
स्थानीय मुद्दों को सामने लाने वाले लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनता की समस्या को संबंधित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन तक पहुंचाना है।
धोबी घाट से सनातन स्कूल तक की सड़क की समस्या को लेकर प्रिंसिपल मैडम श्री इंद्रजीत कौर, मेयर, डिप्टी मेयर श्री राकेश प्रेशर, मौजूदा विधायक और संबंधित पार्षद तक जनता की आवाज पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि सड़क की स्थिति का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
स्मार्ट सिटी के दावों पर भी उठ रहे सवाल
लुधियाना को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के दावों के बीच अगर नई बनी सड़कें कुछ ही महीनों में खराब होने लगें, तो निश्चित रूप से संबंधित विभागों के सामने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, जल निकासी और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
बारिश के दौरान जलभराव और उसके बाद सड़क के टूटने की समस्या केवल आवागमन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए भी परेशानी और दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती है।
अब देखना होगा क्या होती है कार्रवाई
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस सड़क की स्थिति का निरीक्षण करवाकर समस्या का समाधान कराएंगे? क्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच होगी और यदि कहीं कमी पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता को केवल वादे नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। यदि स्मार्ट सिटी के नाम पर विकास कार्य किए जा रहे हैं तो उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन भी सुनिश्चित होना चाहिए।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के सामने भी आने वाले समय में विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर जनता की अपेक्षाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। अब सरकार और स्थानीय प्रशासन जनता की इस आवाज को कितना गंभीरता से लेते हैं और सड़क की स्थिति में कब तक सुधार होता है, यह आने वाला समय बताएगा।
जनता की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच करें, जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करें और यदि निर्माण में कोई कमी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सड़क को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दुरुस्त कराया जाए।





