तैतीस कोटि देवी देवता हमारी गाय में निवास करते है ।

गाय माता है तो हमारा सनातनी जीवन है कहा कथा व्यास पं. विशाल कृष्ण शास्त्री

■ उरई मे चल रही हिंदू एकता संगठन ट्रस्ट के तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा

उरई(जालौन) बड़ी माता मंदिर उरई मे चल रही हिंदू एकता संगठन ट्रस्ट के तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर

कथा व्यास पंडित विशाल कृष्ण शास्त्री ने

ऐसा क्या काम किया तूने 

मेरी जिंदगी बदल दी तूने।।

जो मेरा हाथ थाम लिया और मैने तेरा दामन थाम लिया ।

हरि बोल…….

भजन के माध्यम से भक्तो व श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया ।

अज्ञानता में हुए पापों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए पंडित विशाल कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को बताया कि अज्ञानता में हुए पापों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए पांच प्रकार के यज्ञ करना चाहिए।

पहली रोटी गाय के लिए दे तैतीस कोटि देवी देवता हमारी गाय में निवास करते है । गाय है तो हमारा सनातनी जीवन है।

दूसरा अग्नि के लिए , तीसरा उपाये चीटियो को आटा खिलाओ।

महाराज ने बताया कि हमें अपने घर आए हैं हुए अतिथि का सम्मान करना चाहिए ।

अगर आपके घर पर भिखारी भी आ जाए तो उसे खाली हाथ नहीं लौटना चाहिए कुछ ना कुछ देकर ही भेजना चाहिए

पता नहीं किस रूप में नारायण मिल जाए।

बिन हरि कृपा के मिले नहीं संता।

आगे महाराज जिंदगी ने बताया की संत का मतलब है जो हमारे बिगड़े हुए कार्य को भी साध दे वही संत है ।

अतः हमें ब्राह्मणों को भोजन कराने के उपरांत दक्षिणा अवश्य देना चाहिए।

आगे महाराज जी ने कहा परमात्मा भी उन्हीं की परीक्षा लेते हैं जिन पर वे कृपा करते हैं।

महाराज जी ने बताया जो व्यक्ति संघर्षों से जूझ लेता है वह पूजनीय हो जाता है और जो जीवन से हार जाता है उसका तिरस्कार होने लगता है ।

आपको जीवन में जितनी भी चुनौतियां मिले उन्हें हंसते हुए स्वीकार करो भगवान अवश्य कृपा करेंगे एक दिन।

आचार्य विशाल कृष्ण शास्त्री ने हिर्नाकश्यप व प्रहलाद के प्रसंग पर चर्चा करते हुये अच्छाई व बुराई के भेद को विस्तार से समझाया।

इस प्रकार कथा व्यास पंडित विशाल कृष्णा शास्त्री ने अपने भजनों के माध्यम से प्रभु के जन्म केसाथ साथ विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया यहां बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु जन मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे।

वही इस मौके पर बड़ी माता मंदिर पुजारी श्यामलाल मिश्रा ,राघवेंद्र मिश्रा, राष्ट्रीय एकता संगठन ट्रस्ट की अध्यक्ष रेखा सोनकिया, कथा संचालक पंडित नरोत्तम दुबे, राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंडित अशोक पचौरी, संगठन राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विनय पचौरी, परीक्षत श्रीमती रेखा रणजीत सिंह, कार्यक्रम संयोजक प्रमोद तिवारी रचना दुबे ,अर्चना शुक्ला, संध्या सक्सेना आदि भक्त व्यवस्था में तत्पर रहे।

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