प्रो कबड्डी लीग: पीकेएल 2023 में सर्वाधिक रेड प्वाइंट सर्वाधिक टैकल प्वाइंट तीसरा चरण चेन्नई में।
प्रो कबड्डी लीग का 2023 संस्करण 2 दिसंबर 2023 को शुरू हो गया है।
प्रशंसक कुछ रोमांचक झड़पें देख रहे हैं और शेष खेलों के लिए उत्साहित दिख रहे हैं। अब तक पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं
जो बेंगलुरु और पुणे में हुए थे। तीसरा चरण 22-27 दिसंबर 2023 तक चेन्नई में होगा।
प्रो कबड्डी लीग के 2023 संस्करण में अब तक सबसे अधिक अंक वाले रेडर्स की बात करें तो भरत केवल 6 मैचों में 56 रेड अंकों के साथ शीर्ष पर हैं।
दूसरी ओर सोनू जगलान पांच मैचों में 46 रेड प्वाइंट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तीसरा स्थान बंगाल वॉरियर्स के कप्तान मनिंदर सिंह ने हासिल किया है, जिन्होंने चार मैचों में 45 रेड अंक जुटाए हैं।
बात करे अगर खिलाडी की तो खिलाड़ियों का शारीरिक कौशल उनकी चपलता और बेहतर रणनीति इस खेल को दिलचस्प बनाती है।
प्रो कबड्डी 2023-24 का सीजन 2 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुका है।
हर सीजन की तरह इस बार भी सभी की नज़रें प्रो कबड्डी 2023 के टॉप रेडर को जानने पर होंगी।
आपको बता दें कि इस कबड्डी टूर्नामेंट में सबसे अधिक प्वाइंट्स हासिल करने वाले रेडर को सीजन के टॉप रेडर के खिताब से सम्मानित किया जाएगा।
हालांकि ये रेस किसी भी पीकेएल सीजन में बहुत आसान नहीं रही है।
पीकेएल के किसी भी सीजन में सबसे अधिक रेड प्वाइंट्स हासिल करने वाले रेडर की बात करें तो यह रिकॉर्ड परदीप नरवाल के नाम दर्ज है।
उन्होंने प्रो कबड्डी लीग के पांचवें सीजन में पटना पाइरेट्स के लिए खेलते हुए 26 मैचों में सबसे अधिक 369 रेड प्वाइंट्स का योगदान दिया था जिससे पटना पाइरेट्स ने लगातार तीसरा खिताब जीता था।
रेड प्वाइंट्स हासिल करने के तरीके
कोई भी रेडर दो तरीके से रेड प्वाइंट्स हासिल कर सकता है।
पहला तरीका यह है कि जब एक रेडर कबड्डी-कबड्डी बोलने जाता है और विपक्षी खेमे के खिलाड़ी को टच करके सफलतापूर्वक अपने हाफ में लौट आता है तो उसे टच प्वाइंट मिलता है।
यदि टच प्वाइंट मिल जाता है तो तो रेड के दौरान टच किेए गए विपक्षी खिलाड़ी मैट से बाहर हो जाते हैं।
रेड करने गए रेडर को उतने टच प्वाइंट मिलते हैं जितने खिलाड़ी उसने रेड के दौरान मैट से बाहर कर दिए हों।
एक रेडर जब अपनी किसी एक रेड के दौरान तीन या उससे अधिक प्वाइंट हासिल करता है तो उस रेड को सुपर रेड कहा जाता है।
रेड के दौरान एक रेडर बोनस प्वाइंट भी हासिल कर सकता है। इसके लिए रेडर को एक पैर बोनस लाइन तक पहुंचाना होता है, जबकि दूसरा पैर हवा में होना चाहिए। हालांकि बोनस प्वाइंट तभी एक्टिव होता है, जब डिफेंडिंग टीम के खेमे में कम से कम 6 या उससे ज्यादा खिलाड़ी मैट पर मौजूद रहें।
प्रो कबड्डी में प्रत्येक रेड के लिए 30 सेकेंड की समय सीमा होती है। इसके अलावा डू ऑर डाई रेड भी होती है जिसका अर्थ है कि लगातार तीन खाली रेड के बाद रेडर को आउट करार दे दिया जाता है और विपक्षी टीम को एक अंक मिल जाता है।



