बैंक में 42 लांकर काटने वाले दो बदमाशों मे फिर एक को लखनऊ और दूसरे को गाजीपुर पुलिस ने मार गिराया गया।
■अब लाकर धारकों को अपने सामान की पहचान बताने के साथ-साथ उसके लिए सबूत भी देने होंगे
■ आपको वता दे कि आपको बता दें कि बैंक की जिम्मेदारी लाकर के वार्षिक किराए के 100 गुना तक ही होती है या सबूत देने होगे लॉकर धारको को ।
रिपोँट : विनय पचौरी
आपको बता दें लखनऊ के इंडियन ओवरसीज बैंक में 42 लांकर काटने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने एनकाउंटर में देर कर दिया दोनों बदमाशों का एनकाउंटर 4 घंटे के अंदर कर दिया गया
पहला एनकाउंटर लखनऊ में रात 12:30 बजे हुआ वहीं लखनऊ से 3:30 किलोमीटर दूर गाजीपुर के गहमर में तड़के 4:30 बजे हुआ बैंक लूट में फरार शोभित कुमार को लखनऊ में जबकि सनी दयाल को गाजीपुर में मार गिराया पुलिस के मुताबिक बदमाश को जब गिरा तो उन्होंने फायरिंग कर दी जवाबी फायरिंग में दोनों को दो-दो गोली लगी दोनों को अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत्यु घोषित कर दिया दोनों बिहार के रहने वाले थे
आपको बता दें लखनऊ के चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार काटकर लुटेरे 42 लाकर को तोड़कर घटना को अंजाम देने वाले साथ बदमाश शामिल थे जिनमें अच्छे बिहार की और एक सीतापुर का दो मारे जा चुके हैं तीन गिरफ्तार हैं मास्टरमाइंड विपिन वर्मा मूल रूप से सीतापुर के कोरवा का रहने वाला है वही विपिन का दूसरा साथी मिथुन फरार है मिथुन 28 वर्षीय बिहार के लखीसराय के जानकी डी का रहने वाला है।

गाज़ीपुर पुलिस अधीक्षक डॉ• इर्रज राजा ने बताया गहमर इलाके में पुलिस देर रात गस्त कर रही थी बैंक लूट में फरार सनी दयाल अपने साथी के साथ बाइक से जा रहा था पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी पुलिस कर्मियों पर बाइक चढ़ाने की कोशिश करते हुए बिहार बॉर्डर की ओर भागने लगा पुलिस टीम ने पीछे किया कुतुबपुर इलाके में मुठभेड़ हुई जिसमें शनि को गोली लग गई उसे सीएससी भदौरा ले जाया गया
प्राइमरी इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया वहां डॉक्टरों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया वहीं शनि का साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया पुलिस ने बताया सनी दयाल के पास से एक पिस्टल 6 खाली कारतूस सोने के जेवर और 3.5 लाख कैश बरामद किया । शनि दयाल बिहार के मुंगेर का रहने वाला था
JCP लॉ एंड ऑर्डर अमित वर्मा ने बताया अभी दो बदमाश लखनऊ का विपिन वर्मा व बिहार का मिथुन दोनों बदमाशों की तलाश जारी है दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है
आपको बता दें बदमाश शनिवार रात चिनहट की इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार काटकर अंदर घुसे थे चार घंटे तक बैंक में रहे करोड़ों की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए थे जो चार बदमाश सीसीटीवी में भी दिखाई दिए थे पुलिस ने मामले की जांच के लिए टाइम भी गठित कर रखी थी।
उसी का परिणाम कि आज 4 घंटे के अंदर एक को लखनऊ और दूसरे को गाजीपुर में मार गिराया गया।
पर अभी भी बहुत कुछ बाकी है बाकी है यह है कि एनकाउंटर में दो बदमाशों के मारे जाने के बाद भी इसका मास्टरमाइंड फरार है वही लूट का सामान बरामद तो हो गया है लेकिन अभी तक लाकर धारकों तक पहुंचा नहीं क्योंकि अब सामान की पहचान और सबूत वाला संकट है इसलिए समझाते है हम आपको इस मामले से जुड़ी दो जरूरी जानकारियां जिसमें
पहले पुलिस के एनकाउंटर वाले एक्शन से जुड़ी है
और दूसरी जानकारी लाकर धारकों के सामान की पहचान को लेकर
अगर आप भी अपनी महंगी ज्वेलरी और जरूरी दस्तावेज बैंक लॉकर में रखते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है अभी तक करीब 2 किलो सोना और 1 किलो ढाई सौ ग्राम चांदी बरामद की लेकिन जिन लोगों के लॉकर को लूट गया है वह अभी परेशान है और पूछ रहे हैं कि उन्हें उनका सामान वापस कैसे मिलेगा
किसी भी सामान का रिकॉर्ड बैंक के पास नहीं होता ।
इसलिए ज्वेलरी और दूसरे सामान के असली मालिक की पहचान करना बड़ी चुनौती।
इसके लिए अब लाकर धारकों को अपने सामान की पहचान बताने के साथ-साथ उसके लिए सबूत भी देने होंगे ।
लौकर धारकों की इस परेशानी के बीच आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि
इस संबंध में बैंक की क्या जिम्मेदारी।
तो आपको बता दें कि बैंक की जिम्मेदारी लाकर के वार्षिक किराए के 100 गुना तक ही होती है
इस तरह से भी समझ सकते हैं कि अगर लॉकर का वार्षिक किराया 10000 है तो बैंक से 10 लाख तक का ही हर्जाना देगा क्योंकि बैंकों के पास लाकर में रखकर सामान की कोई जानकारी नहीं होती ।
इसलिए लौकर धारक के लिए एक्स्ट्रा सावधानी जरूरी है
इसलिए लॉकर में रखे गए सामान की पूरी सूची बनाये और उसको रखिए अपने पास और उससे जुड़े सबूत भी अपने पास आपको रखना चाहिए ।
ताकि ऐसी किसी परिस्थिति में आप परेशानी से बच सके और सबूत कम से कम पेश कर सके।





