*आप दशा बदलना चाहते हो तो दिशा बदलो। आचार्य सुशील बलूनी*
प्रतापपुर, (देवरिया) 25 मई, रविवार बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड, चीनी मिल में स्थित बजाज देवालय में छ: दिवसीय स्थापत्य वास्तु कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस के उद्बोधन में आचार्य सुशील बलूनी ने वास्तु शास्त्र के भवन निर्माण संबंधी नियम, भूमि के प्रकार, अवस्था व उर्जा स्तरों की विस्तार पूर्वक चर्चा की ।
आचार्य बलूनी जी ने भूगोल, खगोल व भूगर्भ पर विस्तार से चर्चा करते हुए वास्तु के आध्यात्मिक तथा प्रयोगात्मक पक्ष को समझाया। व्यक्ति को प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन को जीना चाहिए। आचार्य जी ने कहा दसों दिशाओं की समझ तथा अपने अंदर अपनी दसों दिसाओं का विकास न केवल जीवन में प्रगति प्रतिष्ठा तथा उत्तम स्वास्थ देगा अपितु आत्मा का भी सर्वांगीण विकास करेगा। 
श्री बलूनी जी ने बताया की प्रकृति के पूर्ण नियमों की जानकारी प्राप्त कर प्रकृति के साथ स्वयं का का समायोजन किस प्रकार करना है, यही वास्तु है। दुर्भाग्य से आज कुछ धन लोलुप लोगों ने इस विषय को व्यापार बनाकर कछुए-मेढक-दर्पण-व चाइनीज घंटियाँ बेचने का जरिया बना लिया है। लोग मूलभूत नियमों से दूर होकर इसमें टोटका ढूँढने लगे हैं। कैसे इससे बचने व प्राकृतिक नियम अनुरूप पंचमभूत समायोजन से वास्तु का लाभ लेने की आवश्यकता है, इस पर भी आचार्य जी ने विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।
आज की कथा में आचार्य जी ने भगवान शिव पर गूढ़ आध्यात्मिक चर्चा करते हुए कहा ही जिन भगवान शिव का निवास कैलाश है तथा जिनकी जटाओं में माता गंगा विराजमान है उनपर आप और हम क्या जल चढ़ायेंगे। गंगाधारी ने ये व्यवस्था भी पृथ्वी पर विचरण करने वाले छोटे छोटे असहाय जीवों की भोजनपूर्ति के लिए की हुई है। आप प्रकृति को जी दोगे उसका शिव कई गुना करके आपको देंगे।
इस अवसर पर स्थानीय डिवाइन एवं रघुकुल पब्लिक स्कूल के बच्चो द्वारा भक्ति भाव रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। जिसकी श्रोताओं ने काफी सराहना की।
इस मौके पर मुख्य रूप से चीनी मिल के इकाई प्रमुख सुखवंत सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी जगदीप कौर,केन हेड आरके शर्मा , अमित श्रीवास्तव, रविंद्र जायसवाल,दिनेश तिवारी नील रतन सिंह, शरद मिश्रा, रामेश्वर सिंह, प्रिनू देवी, कुसुम तिवारी एवम् दूर दराज से आये किसान, सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं,बच्चे उपस्थित रहे।




