शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मूल विद्यालय में वापसी और स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू, 40 हजार को सीधा लाभ”
🔷 प्वाइंटेड लाइनें (Unique & Crisp):
■ सरकार ने शिक्षामित्रों की वर्षों पुरानी मांग पर लगाई मुहर।
■ मूल विद्यालय में वापसी, स्थानांतरण और समायोजन के आदेश जारी।
■ पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में।
■ कुल 1.45 लाख शिक्षामित्रों में से लगभग 40 हजार को तुरंत लाभ मिलने की उम्मीद।
■ विवाह के बाद अन्य जिले में रहने वाली महिला शिक्षामित्रों को सबसे अधिक राहत।
■ पहले चरण में विकल्प एवं सूचना फ़ॉर्म भरवाए जाएंगे।
■ वर्तमान तैनाती पर रहने वालों को छूट—कोई स्थानांतरण नहीं।
■ रिक्त पद उपलब्ध होने पर पुरुष व अविवाहित महिला शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में तैनाती:
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को एक बड़ी राहत देते हुए मंगलवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। लंबे समय से लंबित चली आ रही मांग पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी, स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि पूरा काम ऑफलाइन माध्यम से संपादित किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया सुचारू और विवाद रहित रहे।
राज्य में कार्यरत 1,45,495 शिक्षामित्रों में से लगभग 40 हजार शिक्षामित्र इस फैसले से सीधा लाभ उठाएंगे। विशेष रूप से वे महिला शिक्षामित्र, जो विवाह के कारण जिलों से बाहर तैनात हैं, इस निर्णय से बड़ी राहत महसूस करेंगी।
शासनादेश के अनुसार, जिले स्तर पर सभी शिक्षामित्रों से सरकार द्वारा तय किए गए प्रारूप पर विकल्प और आवश्यक विवरण लिया जाएगा। इन विकल्पों के परीक्षण के बाद ही उनकी तैनाती के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने शासन से इस आदेश पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। संघ के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि, “सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन इसका त्वरित क्रियान्वयन आवश्यक है, ताकि हजारों साथियों को तुरंत लाभ मिल सके।”
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो शिक्षामित्र अपनी मौजूदा तैनाती पर ही रहना चाहते हैं, वे विकल्प देकर उसी विद्यालय में बने रह सकते हैं और उनका कोई स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। वहीं, जिन पुरुष या अविवाहित महिला शिक्षामित्रों ने अपने मूल विद्यालय में लौटने की इच्छा जताई है, और वहां पद रिक्त है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वहीं तैनात किया जाएगा।






