औचक निरीक्षण में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का सख्त एक्शन, घटिया सड़क देख भड़कीं, भुगतान और वेतन पर लगाई रोक

लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी और 2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल शनिवार को अचानक निरीक्षण पर निकलीं। उनके दौरे की खबर मिलते ही नगर पालिका और संबंधित विभागों में अफरा-तफरी मच गई। डीएम ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र में निर्माणाधीन मेमोरियल हाल मार्ग का जायजा लिया, जहां सामने ही सड़क निर्माण कार्य चल रहा था।

निरीक्षण के दौरान जैसे ही डीएम की नजर सड़क की सतह पर पड़ी, उनका रुख सख्त हो गया। नई बनी सड़क से बजड़ी उखड़ती देख उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जाहिर की। गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए डीएम ने ठेकेदार और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सख्त तेवरों से मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

डीएम ने साफ निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के सैंपल की रिपोर्ट आने तक ठेकेदार को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही लापरवाही के लिए ईओ का वेतन भी अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया गया। अवर अभियंता को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाते हुए चेताया गया कि जब तक निर्माण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, भुगतान की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वयं सड़क के खराब हिस्सों को चिन्हित कराया। उन्होंने तुरंत चूना मंगवाकर उन स्थानों पर गोले बनवाए, जहां बजड़ी उखड़ रही थी, ताकि जांच में कोई चूक न हो। लोक निर्माण विभाग को उसी दिन सैंपल लेने और सातवें व 14वें दिन दोबारा गुणवत्ता जांच कराने के सख्त निर्देश दिए गए।

इसके अलावा डीएम ने सड़क किनारे नालियों पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नालियां पूरी तरह साफ रहनी चाहिए और पानी के बहाव में कहीं भी रुकावट नहीं होनी चाहिए। अंबेडकर तिराहे के मोड़ पर बार-बार होने वाले जलभराव को लेकर भी डीएम ने कड़ा रुख अपनाया और भविष्य में जलभराव न होने देने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता तरुणेन्द्र त्रिपाठी सहित उनकी टीम ने चिन्हित स्थानों से तत्काल सैंपल एकत्र किए।

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के इस औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।

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