विराट हिन्दू सम्मेलन में उमड़ा जन सैलाब

प्रतापपुर,( देवरिया )

तहसील क्षेत्र भाटपाररानी के चकिया कोठी संत नगर के प्रांगण में 13 जनवरी 2026 को विराट हिन्दू सम्मेलन हुआ।

ये सम्मेलन हिंदुत्व को जगाने के लिए किया गया । सम्मेलन का शुभारम्भ मां भारती के प्रतिकृति पर दीप प्रज्ज्वलित कर, पुष्प अर्पित कर,शंख ध्वनि के विच वैदिक मंत्रों से किया गया।हिंदू में प्रेम,सहयोग एवं स्वाभिमान को संगठित करने हेतु कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्रीमान अनिल जी,(क्षेत्र प्रचारक पूरबी उत्तर प्रदेश) ने संबोधन में कहा कि ये वर्ष विशेष वर्ष है।विशेष वर्ष क्यों है,इसकी विशेषता क्या है।पूरे भारत में गांव से शहर तक हिंदू सम्मेलन कराया जा रहा है।जब इस देश पर मुगलों का आक्रमण हुआ था ।गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस 350 वर्ष पूरा होने पर ,मुगलिया सल्तनत के जाने के बाद अब भारत अंग्रेजी हुकूमत के हाथों गुलाम हुआ,भारत माता गुलामी की बेड़ियों में जकड़ गई,जब पूरे देश में क्रांति की ज्वाला धधकी उसके 150वा जयंती पर वंदे मातरम् की शंख नाद होने पर ,भगवान विरसा मुंडा जिन्होंने मरते दम तक दबे कुचले के साथ जनजागरण का कार्य किया उसके 150वी जयंती पर साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष पूरा होने पर स्थापना दिवस के लिए मनाई जा रही है।किसी को डराने के लिए नहीं हो रहा है।पूरा विश्व में एक ही धर्म है। सनातन धर्म।जो सबको परिवार मानता है। हम बासुदेव कुटुंबकम् की बात करते है।सभी दुनिया को श्रेष्ठ बनाने के लिए ये सम्मेलन हो रहा है।उन्होंने ने कहा कि महर्षि अरविंद ने अपने भाषण में कहा था कि जब सनातन का उत्थान होगा , तब भारत का उत्थान होगा और जब सनातन का पतन होगा तब पूरा विश्व का पतन होगा।विशिष्ट अतिथि डॉ गायत्री जी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति को अपनी शक्ति पहचाने की बात कही।आज परिवार से संस्कार खत्म हो रहा है।इसकी जिम्मेदारी मातृ शक्ति की है।जो कार्य मातृ शक्ति द्वारा घर में करना चाहिए वो खुलेआम बाजार में हो रहा है।जिससे परिवार का संस्कार समाप्त हो रहा है।सम्मेलन को दंडी बालक राघवेन्द्र दास जी,ने भी संबोधित किया।अध्यक्षता श्री छट्ठू प्रसाद जी ,पूर्व प्रधानाचार्य ने किया। आयोजक मंडल के अध्यक्ष हरिचरन सिंह ने आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया।इस मौके पर राजकुमार शाही,सभाकुवर सिंह विधायक,हृदयलाल शर्मा,मनोज वर्मा, संतोष गुप्ता, घनश्यामनंद ओझा,सुशील सिंह,अश्वनी सिंह,अरविंद सहाय,विजय दुबे,अजय दुबे ,डॉ उमा नाथ तिवारी,नागेन्द्र पासवान,वीरेश सिंह,भानु प्रताप सिंह,अमित सिंह,जयप्रकाश तिवारी, बशिष्ठ सिंह, त्रिपुनायक विश्वकर्मा, रविप्रकाश सिंह एडवोकेट, राधाकृष्ण शुक्ल,मार्कण्डेय सिंह,कुंदन सिंह,बलिंद्र सिंह,सहित पांच हजार से ज्यादा स्त्री पुरुष मौजूद रहे।सम्मेलन में सुनील यादव कमेडियन एवं भोजपुरी लोक गायक मृत्युंजय लाल यादव का भी प्रोग्राम हुआ। सम्मेलन में बजरंग बली की झाकी आकर्षण का केंद्र रहा।

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