Spread the love

भव्य संगीत और श्रद्धा के संग सम्पन्न हुआ श्रीमद्भागवत–राम कथा का साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ

बहगांव राठ (हमीरपुर)। मां दुर्गा प्राचीन मंदिर प्रांगण, बड़ी माता परिसर एवं ग्राम बहगांव राठ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत एवं राम कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन धार्मिक उल्लास, भक्ति संगीत और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच सम्पन्न हुआ। पूरे सप्ताह चले इस आध्यात्मिक आयोजन ने क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और संस्कारों की अलख जगाने का कार्य किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम, राधे-राधे और हरि नाम के जयघोषों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
कथा के दौरान चित्रकूट धाम से पधारीं प्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी मिथिलेश्वरी दीक्षित ने अपने मधुर वाणी और ओजस्वी प्रवचनों से श्रीमद्भागवत एवं राम कथा का अमृतपान कराया। उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, भक्ति, सेवा, त्याग, मानवता और संस्कारों का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
साध्वी मिथिलेश्वरी दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता के बढ़ते प्रभाव के बीच धर्म और संस्कार ही समाज को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती सिंधु पांचाल एवं श्री लक्ष्मण पांचाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यज्ञ में सहभागिता निभाई। वहीं श्री श्री 108 श्री रविदास जी महाराज, श्री वृंदावन धाम की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन का विशेष आकर्षण रही। उन्होंने अपने आशीर्वचनों में कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
पूरे सप्ताह कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। आसपास के गांवों और क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंचे। कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन और भव्य संगीत प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और भगवान के नाम का स्मरण करते रहे।
आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा, जिसकी सभी ने सराहना की।
समापन अवसर पर आयोजकों ने कथा में पधारे संत-महात्माओं, अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही समाज में धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रचार-प्रसार हेतु ऐसे धार्मिक आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।
इस भव्य धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया तथा श्रद्धालुओं को धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की।

Share.