भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र का अहंकार दूर कर गिरिराज पर्वत का बढ़ाया मान: पं. राममोहन शास्त्री
जालौन। जनपद मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोच तहसील के ग्राम लाडुपुरा में पूर्व वार संघ अध्यक्ष नवल किशोर जाटव के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कथा व्यास पं. राममोहन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इन्द्र के अहंकार को समाप्त कर गिरिराज पर्वत का सम्मान बढ़ाने की प्रसंग कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रकृति, गौवंश और पर्वतों का संरक्षण एवं सम्मान करना मानव का कर्तव्य है। इन्द्र के अभिमान को तोड़कर भगवान ने विनम्रता और भक्ति का महत्व बताया।
शास्त्री जी ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई परिक्रमा से भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं पुण्य की प्राप्ति होती है।
कथा के दौरान परीक्षित के रूप में श्रीमती नीलम जाटव एवं अमित कुमार ने पुराण की आरती उतारी। कार्यक्रम में कोच नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, सभासद विनोद सोनी, अशोक गुर्जर, ऑल इंडिया पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश उदैनियां, पूर्व प्रधान एवं अधिवक्ता राजपाल सिंह गुर्जर, ग्राम प्रधान अरुण जाटव, सभासद आदेश जाटव, अधिवक्ता देवेश सिंह, राहुल सिंह, कृष्णकांत, वीरेन्द्र, अभि, रवि, मंगल, कालीचरण, चोखेलाल दास काकसी सरकार, गिरेन्द्र पाल सिंह गुर्जर, दिनेश पाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा स्थल पर भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर धर्म लाभ प्राप्त किया।




