नाथद्वारा में रिद्धि-सिद्धि मित्र मंडल ने मनाया भव्य गणेश महोत्सव
■ ढोल-नगाड़ों के बीच गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे, प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
■ ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब, पुलिस अधिकारियों ने की गणेश पूजा-अर्चना
नाथद्वारा। धर्मनगरी नाथद्वारा में गणेश महोत्सव की धूम लगातार देखने को मिल रही है। इसी क्रम में रिद्धि-सिद्धि मित्र मंडल कमेटी की ओर से आज भव्य एवं दिव्य गणेश महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन स्थल पर भगवान श्री गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं आरती की गई।
गणेश महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत की गूंज से पूरा वातावरण गणेशमय हो गया। श्रद्धालु भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए।
कार्यक्रम में नाथद्वारा की पुलिस उपाधीक्षक महोदया ने पहुंचकर भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और आरती की। पुलिस अधिकारियों द्वारा गणेश जी के समक्ष विधिवत पूजा कर क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई।
वहीं नवनिर्वाचित नगर पालिका पार्षद पारेश सोनी ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान श्री गणेश की आरती की और श्रद्धालुओं को गणेश महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उनके पहुंचने पर आयोजन समिति एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
ढोल-नगाड़ों के बीच गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे
गणेश महोत्सव के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ भगवान गणेश के दर्शन किए और आरती में भाग लिया।
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस जवानों की तैनाती के साथ भीड़ को व्यवस्थित रखने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
रिद्धि-सिद्धि मित्र मंडल कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का माहौल देखने को मिला।
नाथद्वारा में गणेश महोत्सव के इस आयोजन ने एक बार फिर शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा की झलक प्रस्तुत की।




