जमीन विवाद में कलिंदर यादव की मौत से गांव में तनाव, घंटों की मान-मनौव्वल के बाद माने परिजन; शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुआ दाह संस्कार
प्रतापपुर (देवरिया)। जमीन के पुराने विवाद में कलिंदर यादव की मौत के बाद बैकुंठपुर गांव में पैदा हुआ तनाव घंटों की मान-मनौव्वल के बाद शांत हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर आक्रोशित परिजनों ने शव को पट्टीदार बलिंद्र यादव के घर के खुले कमरे में रख दिया था। इससे गांव में हलचल मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलते ही श्रीरामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने-बुझाने में जुट गई। काफी देर तक चले प्रयासों के बाद परिजन शव को अपने घर ले जाने के लिए राजी हुए। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे कलिंदर यादव का दाह संस्कार किया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और जमीन विवाद को लेकर गांव में चर्चाओं का दौर जारी है।
जमीन पर घास-फूस रखने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर निवासी कलिंदर यादव पुत्र बंका यादव के घर के सामने करीब दस कदम की दूरी पर स्थित जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बुधवार सुबह विवादित जमीन पर कुछ लोगों ने घास-फूस रख दिया। इस पर कलिंदर के परिवार के लोगों ने विरोध जताया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान कलिंदर यादव के साथ मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि, मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचते ही बढ़ा आक्रोश
कलिंदर यादव की मौत के बाद परिजन पहले से ही गम और गुस्से में थे। गुरुवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। परिजनों ने शव को पट्टीदार बलिंद्र यादव के घर के खुले कमरे में रख दिया। इस घटनाक्रम के बाद गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक मान-मनौव्वल चलती रही। परिजन अपनी नाराजगी जता रहे थे, जबकि पुलिस स्थिति को शांत कराने और शव को घर ले जाने के लिए समझाती रही। अंततः परिजन मान गए और शव को अपने घर ले गए।
घंटों की समझाइश के बाद अंतिम संस्कार को तैयार हुए परिजन
शव गांव पहुंचने के बाद से ही अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। परिजनों के आक्रोश और गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार उन्हें समझाने में जुटी रही। घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति सामान्य हुई और परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कलिंदर यादव का दाह संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के साथ ही गांव में बना तनाव धीरे-धीरे कम हुआ, लेकिन घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। मृतक के परिवार के लिए यह बेहद दुखद घड़ी है। घर के सदस्य की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जमीन की अदला-बदली को लेकर भी विवाद की चर्चा
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, विवादित जमीन को लेकर पहले से ही तनातनी चली आ रही थी। आरोप है कि सड़क की जमीन को लेकर दूसरे पक्ष द्वारा निर्माण करा लिया गया था और बदले में दी जाने वाली जमीन अब तक नहीं दी गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने की चर्चा है। हालांकि, जमीन से जुड़े इन आरोपों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों और जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
परिजनों ने कलिंदर यादव के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विवाद के दौरान हुई घटना के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।
पुलिस का पक्ष—पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में श्रीरामपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल मामले में तहरीर नहीं मिली है। तहरीर प्राप्त होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
कलिंदर यादव की मौत के मामले में एक ओर परिजन मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस शरीर पर चोट के निशान नहीं मिलने की बात कह रही है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जमीन के विवाद से शुरू हुआ मामला एक व्यक्ति की मौत और उसके बाद गांव में तनाव की स्थिति तक पहुंच गया। अब देखना होगा कि जांच में मौत के कारणों और घटना से जुड़े आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल, शुक्रवार दोपहर कलिंदर यादव का दाह संस्कार होने के बाद स्थिति शांत है, लेकिन परिवार को न्याय मिलने और मौत की असल वजह सामने आने का इंतजार है।





