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रेवाड़ी एम्स में 11 माह के इंतजार के बाद शुरू हुई एमबीबीएस की पढ़ाई, दिसंबर में ओपीडी शुरू करने की तैयारी

 

50 में से 48 विद्यार्थियों ने संभाली कक्षाएं, 1700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा संस्थान दक्षिणी हरियाणा के लिए बनेगा स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र

कुंड/रेवाड़ी। दक्षिणी हरियाणा के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है। रेवाड़ी-जैसलमेर हाईवे पर गांव माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में करीब 11 माह के लंबे इंतजार के बाद एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। संस्थान में स्वीकृत 50 सीटों में से 48 विद्यार्थियों ने पढ़ाई शुरू कर दी है, जबकि शेष दो विद्यार्थियों के भी जल्द संस्थान से जुड़ने की संभावना है। इसके साथ ही दिसंबर के पहले सप्ताह तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

1700 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

गांव माजरा में लगभग 210 एकड़ यानी 85 हेक्टेयर भूमि पर करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से एम्स का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय निर्माण कार्य को 22 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शुरुआती दौर में निर्माण की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन अब परिसर में विभिन्न भवनों और ब्लॉकों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और मेस की सुविधा

एम्स प्रबंधन ने मेडिकल शिक्षा की शुरुआत के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार कर ली हैं। नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और मेस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शिक्षकों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी की गई है। विद्यार्थियों की समय सारणी तैयार करने के बाद कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उन्हें संस्थान के नियमों, व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी दी गई है।

दिसंबर में ओपीडी शुरू करने की तैयारी

एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने के बाद अब संस्थान प्रबंधन का अगला प्रमुख लक्ष्य अस्पताल की ओपीडी सेवाएं आरंभ करना है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक ओपीडी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन सेवाओं के शुरू होने से रेवाड़ी सहित दक्षिणी हरियाणा के आठ जिलों के मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1700 स्टाफ सदस्यों की भर्ती प्रक्रिया जारी

एम्स में चिकित्सा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी है। संस्थान में फैकल्टी सदस्यों और नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं। करीब 1700 स्टाफ सदस्यों की भर्ती की प्रक्रिया के माध्यम से अस्पताल की सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की तैयारी है। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, शोध और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम भी जारी है।

पूरी क्षमता से संचालन होने पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

योजना के अनुसार, एम्स के पूरी तरह संचालित होने पर यहां 18 सुपर स्पेशियलिटी विभाग और करीब 750 बिस्तरों की सुविधा विकसित की जानी है। प्रतिदिन लगभग 1500 मरीजों की ओपीडी तथा हर महीने करीब एक हजार भर्ती मरीजों के उपचार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दक्षिणी हरियाणा को बड़ी उम्मीद

माजरा एम्स में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होना संस्थान के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब लोगों की निगाहें ओपीडी सेवाओं की शुरुआत पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय के अनुसार सेवाएं शुरू होती हैं, तो रेवाड़ी और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि, अस्पताल की पूर्ण क्षमता से शुरुआत निर्माण कार्य, नियुक्तियों और अन्य व्यवस्थाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।

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