नई पार्टी के ऐलान के बाद गांवों में पहुंचीं पूर्व IAS दिव्या मित्तल, रामलीला देखकर ग्रामीणों से किया संवाद
■ मीरजापुर में छह गांवों में हुआ स्वागत, रामलीला के मंच पर कलाकारों का बढ़ाया उत्साह; संस्कृति और सामाजिक एकता पर दिया जोर
मीरजापुर, उत्तर प्रदेश। नई पार्टी के ऐलान के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल मीरजापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचीं, जहां उन्होंने विभिन्न गांवों में आयोजित रामलीला का आनंद लिया। उनके आगमन पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर ग्रामीण देर रात तक उनके इंतजार में मौजूद रहे।
छह गांवों की रामलीला में पहुंचीं दिव्या मित्तल
कोन ब्लॉक के गड़गेड़ी और हलिया क्षेत्र के मदनपट्टी, गड़गेड़ी, कोल्हुआ, कमासिन, रामपुर और तिलठी गांवों में आयोजित रामलीला कार्यक्रमों के दौरान पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने रामलीला के मंचन को देखा और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने आयोजन समितियों की ओर से परंपरा को जीवित रखने के प्रयासों की भी सराहना की।
ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से किया स्वागत
दिव्या मित्तल के गांवों में पहुंचने पर लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। गड़गेड़ी में ग्राम प्रशासक एवं पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ‘चंदू’ ने भी उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात की और अपने उत्साह का इजहार किया।
‘रामलीला हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक’
ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन या मंचीय प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसी परंपराएं गांव के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती हैं।
उन्होंने रामलीला आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी इन परंपराओं को संजोकर रखना समाज की बड़ी ताकत है।
लहंगपुर में भी उमड़ा लोगों का उत्साह
लहंगपुर बाजार में नव युवक दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में भी दिव्या मित्तल पहुंचीं। यहां लोगों ने चुनरी, मोर पंख और मालाएं भेंट कर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन साल बाद उन्हें अपने बीच देखकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस दौरान लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और समर्थन में नारे भी लगाए।
ग्रामीण संपर्क से चर्चा में पूर्व आईएएस
नई पार्टी के ऐलान के बाद दिव्या मित्तल की ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हुई हैं। हालांकि, इन कार्यक्रमों के दौरान किसी विशेष चुनावी रणनीति या राजनीतिक घोषणा की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। फिलहाल, गांवों में रामलीला और धार्मिक आयोजनों में उनकी भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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