रामकथा के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, आयोजन समितियाँ हुईं परेशान
■ रामकथा के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, आयोजन समितियाँ हुईं ठगी का शिकार
हमीरपुर (उ.प्र.) धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक गंभीर मामला खेडा सिलाजीत सरीला, जिला हमीरपुर से प्रकाश में आया है, जहाँ कथावाचक बताए जाने वाले बाबा रामदेव दास पर आयोजन समितियों को गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुँचाने के आरोप गांव के लोगो ने लगाये हैं।
आरोप है कि बाबा रामदेव दास कभी स्वयं को अयोध्या निवासी बताकर तो कभी अमेठी निवासी बताकर पोस्टर छपवाते हैं।
बीते वर्ष 25 जनवरी 2025 को खेडा सिलाजीत में पाँच दिवसीय रामकथा के लिए उन्होंने आयोजन समिति से समय तय किया, मार्ग व्यय भी लिया, लेकिन कार्यक्रम में पहुँचे ही नहीं।
इससे धार्मिक आयोजन पूरी तरह बाधित हो गया और समिति को भारी असुविधा उठानी पड़ी।
बताया जाता है कि इस वर्ष भी पिछली घटना के बावजूद बाबा रामदेव पर भरोसा किया गया।
26 जनवरी 2026 को पुनः कार्यक्रम तय हुआ, मार्ग व्यय भी लिया गया, लेकिन अधिक धन मिलने का हवाला देकर उन्होंने छत्तीसगढ़ का कार्यक्रम प्राथमिकता में रखते हुए यहाँ का आयोजन निरस्त कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रसिद्ध कथावाचिका मिथलेश्वरी दीक्षित ने ही बाबा रामदेव को खेडा सिलाजीत भेजा था, लेकिन अब यह भी सामने आ रहा है कि बाबा रामदेव उनकी बातों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं और कई अन्य समितियों को भी इसी प्रकार धोखा दे चुके हैं। ऐसा वताया जा रहा क्षेत्रीय जनो से
वही आयोजन समितियों का आरोप है कि बाबा रामदेव एक ही तारीख में दो-दो, तीन-तीन चार कार्यक्रम तय कर लेते हैं, और जहाँ अधिक पैसा मिलता है वहीं पहुँचते हैं, जिससे बाकी स्थानों की समितियाँ ठगी का शिकार हो जाती हैं और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचता है।
आयोजन समितियों को चेतावनी
धार्मिक आयोजनों से जुड़ी समितियों से अपील की जा रही है कि वे ऐसे कथावाचकों से सावधान रहें, किसी भी कार्यक्रम को तय करने से पहले पूरी जानकारी और विश्वसनीयता की जाँच अवश्य करें, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।






