Spread the love

सख्ती के आगे झुका X, 600 अकाउंट हटाए, 3,500 अश्लील पोस्ट किए ब्लॉक

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को आखिरकार भारत सरकार के सामने झुकना पड़ा है। ऑनलाइन अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर उठे विवाद के बाद X ने अपनी कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली में खामियां स्वीकार करते हुए सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह आगे से भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देश पर X ने अब तक करीब 3,500 आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक किए हैं, जबकि 600 से अधिक फर्जी और नियम तोड़ने वाले अकाउंट प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटा दिए गए हैं। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में अश्लील और यौन रूप से उत्तेजक तस्वीरों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
AI टूल्स पर उठे गंभीर सवाल
इस कार्रवाई के बीच राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने X और उसके AI टूल Grok पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रोक का इस्तेमाल महिलाओं की तस्वीरों को गलत तरीके से बदलकर उन्हें अश्लील रूप देने में किया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक है।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि X ने इस खतरनाक फीचर पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय इसे केवल पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया, जिससे यह और भी ज्यादा चिंता का विषय बन गया है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि इस तरह के AI टूल्स के जरिए महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों का गलत और बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है, जो उनकी निजता और सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीक का दुरुपयोग नहीं बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग फर्जी अकाउंट बनाकर महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं और फिर AI को ऐसे निर्देश देते हैं जिससे उन्हें यौन रूप से भड़काऊ रूप में बदला जा सके।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
प्रियंका चतुर्वेदी ने 1 जनवरी को केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले पर सख्त कदम उठाने की मांग की थी। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर AI आधारित टूल्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए जाएं ताकि महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब सरकार की नजर X पर
भारत सरकार की सख्ती के बाद X ने भले ही कदम पीछे खींच लिए हों, लेकिन अब उसकी गतिविधियों पर सरकार की कड़ी नजर बनी रहेगी। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि कंपनी अपने वादों को जमीन पर उतारती है या नहीं।

Share.