आचार्य ने बताया श्रीमद् भागवत कथा से भक्त का कल्याण होता है। जगत मे भक्ति के सिवाय कुछ भी परमानेंट नही है।
रिपोर्ट: विनय पचौरी
focusnews24x7.com
■■■■■■■■■■■■■■
- श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन रात 8:00 बजे से रामलीला का कार्यक्रम शुरू हुआ रामलीला की उत्सुकता में मंदिर प्रांगण हुआ फुल।

- रामलीला की उत्सुकता में मंदिर प्रांगण में भारी संख्या में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
भांडेर दतिया तहसील भांडेर के ग्राम बिछौदना में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन रात 8:00 बजे से रामलीला का कार्यक्रम शुरू हुआ रामलीला की उत्सुकता में मंदिर प्रांगण में भारी संख्या में भक्तों का उमड़ पड़ा।
भांडेर क्षेत्र के ग्राम बिछौदना में मां बछेत्तर माता की कृपा व मां बछेत्तर सेवा समिति विछौदना के
सनत पुजारी जिला महामंत्री भारतीय जनता पार्टी व पंकज पुजारी द्वारा आचार्य से विशेष अनुरोध कर आशीर्वाद प्राप्त कर ग्राम समाज द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा हुआ कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई ।कलश यात्रा में बालिका एवं महिलाएं कलश लिए चल रही थी।
जिसके बाद कथा के पहले दिन जिला दतिया के कद्दावर भाजपा नेता सनत पुजारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के अनुसरण से भक्तों का कल्याण होता है और जीवन व शांति का अनुभव होता है।
वही कथावाचक आचार्य पंडित शशिकांत वशिष्ठ (भागवत रसिक वृंदावन धाम) ने कहा श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का अवसर बड़े ही सौभाग्य से प्राप्त होता है उन्होंने कहा मनुष्य जीवन मिला है तो भक्ति मे लीन रहो।
ॐॐॐॐॐ卐ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
प्रभु भक्ति के सिवाय जगत में कुछ भी परमानेंट नहीं है।
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
वही दतिया मंडी समिति की अध्यक्षा श्रीमती सुनीता पुजारी ने बताया की आज की कथा में भागवत कथा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई ।
वही आचार्यों ने बताया भक्तों को ज्ञान और वैराग्य की कथा सुनाई।
गौ सेवक व रिटायर्ड चीफ इंजीनियर पंडित बैदेही शरण शर्मा (पुजारी) ने कहा सन्तो और गुरु के साथ रहने से मनुष्य को ज्ञान मिलता है और मनुष्य भक्ति के मार्ग पर चलकर मोक्ष के मार्ग पर बढ़ता है।
वही आचार्य ने कथा में कहा हमें प्रभु की आराधना के लिए प्रतिदिन समय निकालना चाहिए ।
बिछौदना ग्राम के पू.ग्राम प्रधान पंकज(पुजारी ) ने कहा बच्चों को बचपन से ही धर्म और संस्कारों की शिक्षा देनी चाहिए ।
आज के प्रथम दिन में बड़ी संख्या में ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रीय श्रद्धालु जन सम्मिलित रहे।





