Spread the love

राजस्थान में शुरू हुई ‘गांव ग्वाला योजना’

गायों की सेवा अब बनेगी रोजगार, 14 गांवों से हुई ऐतिहासिक शुरुआत

राजस्थान में गोवंश संरक्षण को नई दिशा देने के लिए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar ने एक अनोखी और पारंपरिक सोच से जुड़ी योजना की शुरुआत की है। रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के खेड़ली गांव (चेचट) से ‘गोवर्धन गांव ग्वाला योजना’ का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर Jagadguru Swami Shri Ramdayal का आशीर्वाद भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
🏵️ परंपरा और रोजगार का संगम
इस योजना के तहत गांवों में पारंपरिक ‘गांव ग्वाल’ व्यवस्था को फिर से जीवित किया जा रहा है।
रामगंजमंडी क्षेत्र के 14 गांवों में फिलहाल 14 ग्वालों की नियुक्ति की गई है। मंत्री ने मंच पर इन सभी का माला और साफा पहनाकर सम्मान किया।
क्या करेंगे नियुक्त ‘गांव ग्वाले’?
प्रतिदिन गांव की सभी गायों को एकत्रित करना
गोचर भूमि तक लेकर जाना
दिनभर चराई की व्यवस्था करना
शाम को सुरक्षित घर तक पहुंचाना
गायों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करना
सबसे अहम बात – यह सेवा अब मानदेय (मासिक वेतन) के साथ होगी, यानी गोसेवा के साथ रोजगार भी।
🌄 आध्यात्मिक शुरुआत, सामाजिक विस्तार
कार्यक्रम से पहले कोटा में मंत्री ने जगतगुरु स्वामी रामदयाल जी महाराज से मुलाकात कर योजना पर चर्चा की। इसके बाद दोनों खेड़ली गांव पहुंचे, जहां विधिवत शुभारंभ किया गया।
मंत्री के अनुसार, यह योजना केवल गाय चराने की व्यवस्था नहीं बल्कि ग्रामीण संस्कृति, संस्कार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास है।
📍 पूरे राजस्थान में लागू करने की तैयारी
फिलहाल योजना की शुरुआत रामगंजमंडी विधानसभा से हुई है, लेकिन सरकार का लक्ष्य इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राजस्थान में लागू करना है।
यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो:
आवारा गोवंश की समस्या में कमी आएगी
ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा
गोचर भूमि का बेहतर उपयोग होगा
गांवों में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी
📢 निष्कर्ष
‘गांव ग्वाला योजना’ परंपरा और आधुनिक प्रशासनिक सोच का संगम है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण रोजगार और सामाजिक एकता को भी नई दिशा दे सकती है।
राजस्थान की धरती से शुरू हुई यह अनोखी योजना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है।

Share.