जालौन के सरस्वती शिशु मंदिर में गूंजा वन्दे मातरम्
सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एक समय, एक लय और एक स्वर में किया सामूहिक गायन
जालौन। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जालौन नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में “नमामि भारतम्–वन्दे मातरम् सामूहिक गायन महोत्सव” का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ 25 सितंबर 2026 को प्रातः 11 बजे “एक समय, एक लय, एक स्वर—वन्दे मातरम्” के संकल्प के साथ हुआ। विद्यालय परिसर में जैसे ही सैकड़ों छात्र-छात्राओं के कंठ से एक साथ राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् की स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठा।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सामूहिक गायन में सहभागिता की। एक साथ लहराते तिरंगे और गूंजते वन्दे मातरम् के स्वरों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार द्विवेदी ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रगीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण, गौरव और राष्ट्रभावना का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंध समिति एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री रामजियावन जी, प्रमाणित कर्ता श्री हीरालाल जी, साक्षी कर्ता श्री शिवराम जी एवं प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार द्विवेदी सहित विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में इति जी, निमिषा जी, शिवी जी, विशाखा जी, साक्षी जी, मधु जी, अलका जी, योगेश जी, बाबूलाल जी, शिवकुमार जी, दिनेश जी, नितिन जी, आयुष जी और मधुसूदन जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता नजर आया।
रिपोर्ट—महेश चौधरी, जालौन Focus News 24×7






