झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे में सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिजनों को फौरन मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए।

■सीएम ने झांसी के मंडलायुक्त और डीआईजी को 12 घंटे में घटना के संबंध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

■घटना की होगी उच्चस्तरीय जांच ।

यूपी के झांसी के मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में शुक्रवार रात भीषण आग लगने से  10 बच्चों की मौत हो गई और पांच बच्चों की हालत नाजुक है। जिस वार्ड में आग लगी थी।
वहां 47 नवजात भर्ती थे। इस मामले पर सीएम योगी ने दुख जताया है और मुआवजे का सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि प्रशासन फौरन मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध करवाएं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है।

शुक्रवार देर रात घटना की सूचना मिलते ही सीएम ने रातों-रात उपसीएम बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को मौके पर भेजा।

सीएम पूरी रात घटनास्थल से पल-पल की जानकारी लेते रहे। मीडिया में चल रही खबरों पर भी नजर बनाए रखी।

डिप्टी सीएम ने कहा था कि

■पहली जांच शासन के स्तर पर होगी, जिसे स्वास्थ्य विभाग करेगा।

■वहीं दूसरी जांच जिला स्तर पर होगी, जिसे पुलिस प्रशासन और फायर विभाग की टीम साथ मिलकर करेगी।

■वहीं तीसरी जांच मजिस्ट्रेट की होगी।

डिप्टी सीएम ने ये भी कहा था कि घटना कैसे हुई, क्यों हुई इसका पता लगाएंगे और जिम्मेदारी तय करेंगे। इसके बाद किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना पर दुख जताया है।

उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी में हुई दुर्घटना में कई नवजात शिशुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है।

ईश्वर, शोक संतप्त माता-पिता और परिवारजनों को, यह क्रूर आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मैं घायल हुए शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’

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