Lucknow Metro के सेकंड फेज को मिली रफ्तार, बसंतकुंज डिपो के लिए 150 करोड़ का टेंडर जारी
रिपोर्ट – लखनऊ राजधानी लखनऊ में मेट्रो विस्तार को बड़ी गति मिल गई है। Lucknow Metro के सेकंड फेज (ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर) के तहत बसंतकुंज में बनने वाले डिपो के लिए 150 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। यह टेंडर एक से डेढ़ महीने में फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके बाद अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
📍 चारबाग से बसंतकुंज तक बनेगा नया कॉरिडोर
सेकंड फेज के अंतर्गत चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो लाइन का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 5801 करोड़ रुपये है।
2900 करोड़ रुपये राज्य व केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
शेष राशि ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी।
हाल ही में घोषित यूपी बजट में इस परियोजना के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इससे राजधानी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच यातायात और अधिक सुगम होगा।
🏗 बसंतकुंज में बनेगा आधुनिक मेट्रो डिपो
सेकंड फेज का मुख्य डिपो बसंतकुंज में तैयार किया जाएगा। यहां ट्रेनों की पार्किंग, नियमित जांच और रखरखाव होगा। इसे ट्रांसपोर्टनगर डिपो की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जो वर्तमान में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
⚙ अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगा डिपो
डिपो में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
पिटव्हील लेथ मशीन (पहियों की मरम्मत के लिए)
फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिटजैक व मोबाइल जैक मशीन
टर्न टेबल (बोगियों को ट्रैक बदलने हेतु)
ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट
इलेक्ट्रिक बोगी शंटर
री-रेलिंग एवं रेस्क्यू वाहन
🌱 पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
बसंतकुंज डिपो को पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
सोलर पावर यूनिट की स्थापना
जीरो डिस्चार्ज सिस्टम
ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)
एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP)
जल भंडारण प्रणाली
इन व्यवस्थाओं से पानी की बचत और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
🚉 12 किमी लंबा होगा सेकंड फेज
कुल ट्रैक लंबाई: 12 किलोमीटर
7 भूमिगत स्टेशन: गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक
5 एलिवेटेड स्टेशन: ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज
परियोजना अवधि: 5 वर्ष
एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी हो चुका है और दो महीने में निर्माण शुरू होने की संभावना है। वहीं, सात अंडरग्राउंड स्टेशनों के लिए टेंडर डेढ़ महीने बाद जारी किए जाएंगे।
🗣 एमडी का बयान
यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने बताया कि बसंतकुंज डिपो के निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि यह सेकंड फेज का दूसरा बड़ा टेंडर है और इसके जारी होने से ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का काम और तेज गति से आगे बढ़ेगा।
✍ निष्कर्ष
लखनऊ मेट्रो का सेकंड फेज राजधानी के यातायात ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला साबित होगा। आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह परियोजना लखनऊ को नई रफ्तार देने जा रही है।



