श्री हिंदू महिला अखंड आश्रम उरई माहिल तालाब के तत्वाधान में आयोजित श्री रामचरितमानस सम्मेलन मे पधारे श्री महावीर दास ब्रह्मचारी पारीछा पीठाधीश्वर
उरई नगर में श्री हिंदू महिला अखंड आश्रम उरई में विराजमान आनंदकंद श्री द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्णानंद जी महाराज की छत्रछाया में 34 वे वर्ष भी माहिल तालाब पर श्री रामचरितमानस सम्मेलन राम कथा का भव्य आयोजन के समापन का दिन था जहां श्री महावीर दास ब्रह्मचारी पारीछा पीठाधीश्वर महंत श्रीमती अखिलेश्वरी शर्मा मानस कोकला ऐट और पंडित राम जी रामायणी ऐट जालौन पंडित संतोष गौतम मंच संचालक उरई द्वारा कथा का रसपान कराया गया जहां पर उरई नगर व क्षेत्र के लोगों की काफी संख्या उपस्थिति रही।
वही कथा दौरान श्रीमती अखिलेश्वरी शर्मा ने भजन राम नाम सुखदायी है एक भरोसा राम का एक सहारा मेरे राम का। सुन कर भक्तगणों को मंत्र मुग्ध कर दिया वही उन्होंने कथा दौरान बताया कि भगवान के आगे कोई बड़ा आदमी नहीं है आगे उन्होंने जाति-पाति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भगवान ही ऐसी जात है कि “जो सभी जाति में जात है” उनके लिए सभी उनकी संताने हैं।
आपको बता दें भगवान तो सिर्फ श्रद्धा के भूखे हैं आपकी भक्ति भाव के भूखे हैं। आगी उन्होंने कहा कि राम-राज्य वहां होता है जहां किसी तरीके का कोई भेदभाव ही ना हो। हमें अपने-अपने कर्म का पालन करना होगा
आप देखिए राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न मे भाई प्रेम भारत भगवान राम की अयोध्या आगमन तक राजगद्दी पर नहीं बैठे बल्कि उनके चरण कमल को सहारा बनकर उनके वियोग में वही सिंहासन के नीचे बैठे रहे।
इसलिए हम कह रहे हैं कि बंटवारा की खातिर भाई भाई में दूरी बना लेते हैं बल्कि आज भाई-भाई में बटवारा तो एक दूसरे की विपत्ति अपने ऊपर लेने का होना चाहिये । आप स्वयम देखिए अयोध्या जैसी राज में संपत्ति नहीं बांटी गई भाई की प्रेम में सिंहासन पर भी ठोकर मार दी। आपको पता आते हैं जहां संपत्ति का लालच ना हो वहां ही रामराज होता है।
अपने भारतवर्ष में विपत्ति बांटने वालों का इतिहास लिखा गया संपत्ति बांटने वालों का नहीं। साथ ही इन्होंने पितरों को कथा सुनने पर भी दिया जोर।
साथ उन्होंने कैकई पर प्रसंग सुन कर सभी को भाव विभोर कर दिया।
वही श्री हिंदू महिला अखंड आश्रम उरई के मंत्री राजेश्वर दयाल गुप्ता रमेश पंचल पत्रकार उपाध्यक्ष व अवनीश चंद्र द्विवेदी अध्यक्ष द्वारा यहां कार्यक्रम की व्यवस्था पर चार चांद लगाए गए ।






