कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति, 15 से अधिक लोग घायल होने की खबर
■ भारी बारिश और भीड़ के दबाव से बिगड़े हालात, निकासी द्वार का हिस्सा टूटने के बाद पंडाल अस्थायी रूप से बंद
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सप्तमी की शाम चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ और बारिश के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने की खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंडाल में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ जमा होने से हालात बिगड़ गए। इस दौरान निकासी द्वार का एक हिस्सा टूट गया और कई लोग घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि इस घटना में 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की जानकारी है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पंडाल को अस्थायी रूप से बंद किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, घायलों की वास्तविक संख्या और घटना के विस्तृत कारणों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
राज्य सरकार के प्रतिष्ठित सम्मान में मिला तीसरा स्थान
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति का यह पंडाल इस वर्ष अपनी खास सजावट और अनूठी अवधारणा के कारण चर्चा में रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ में समिति ने ‘सेरार सेरा’ श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया है।
मौन और ध्यान पर आधारित है इस साल की थीम
इस वर्ष पंडाल की थीम ‘अरब’ (Beyond Sound) बताई गई है, जो मौन, शांति और ध्यान की अवधारणा पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को शोर-शराबे से दूर एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना है।
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। चोरबागान पंडाल में सामने आई घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को रेखांकित किया है।
फोकस न्यूज़ 24×7 | कोलकाता
नोट: प्रसारित करने से पहले घायलों की संख्या, अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति, पंडाल बंद किए जाने और पुरस्कार संबंधी विवरणों की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य कर लें।






