घर से नाराज होकर लखनऊ पहुंचे दो मासूम भाई, चारबाग स्टेशन पर पुलिस ने दिखाई संवेदनशीलता
लखनऊ। घर में किसी बात को लेकर नाराज हुए दो मासूम सगे भाई बिना बताए लखनऊ पहुंच गए। महज 8 और 12 वर्ष की उम्र में दोनों बच्चों का घर से निकलकर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचना परिजनों के लिए चिंता का कारण बन गया। हालांकि नाका हिंडोला पुलिस की सतर्कता के चलते दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए और पुलिस ने उन्हें उनके परिवार से मिलाकर राहत की सांस दिलाई।
जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे मूल रूप से सीतापुर के रहने वाले हैं। बताया गया कि किसी बात से नाराज होकर दोनों भाई घर से निकल आए थे और अपने साथ घर में रखे करीब 12,500 रुपये भी ले आए थे। इसके बाद दोनों किसी तरह लखनऊ पहुंच गए।
चारबाग स्टेशन के बाहर पुलिस की पड़ी नजर
28 अगस्त को नाका हिंडोला थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर पुलिसकर्मियों की नजर दो बच्चों पर पड़ी। दोनों की उम्र कम होने और अकेले घूमने पर पुलिस ने उनसे बातचीत शुरू की।
पुलिसकर्मियों ने बच्चों को भरोसे में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे दोनों सगे भाई हैं और सीतापुर के रहने वाले हैं। बच्चों ने परिजनों से नाराज होकर घर से निकलने की बात बताई।
पुलिस ने परिजनों से किया संपर्क
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस उन्हें चारबाग चौकी लेकर पहुंची। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनके परिवार से संबंधित जानकारी जुटाई और पिता के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना दी।
जानकारी मिलते ही परिजन लखनऊ पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिग भाइयों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस की तत्परता से टली अनहोनी
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने नाका हिंडोला पुलिस का आभार जताया। कम उम्र में घर से निकलकर अनजान शहर पहुंचने वाले दोनों भाइयों के मामले में पुलिस की समय रहते नजर पड़ने से किसी संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बच्चों की सुरक्षा में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।






