कोच में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के अनावरण उपरांत ग्राम रवा में आयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम कथा में पहुंचे जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह।

आयोजक एमएलसी रमा निरजंन व प्रतिनिधि आरपी निरजंन ने किया स्वागत

卐 श्री मंजूजगद्गुरु शंकराचार्य श्री स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज ज्योर्तिमठ बद्रिकाश्रम हिमालय रहे मंचासीन।

卐 परम श्रद्धेय अयोध्या रंग महल पीठाधीश्वर रसिकाचार्य स्वामी रामशरण दास जी महाराज ने कहा कि धर्म की तो भुजा है जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह। साथ ही उनकी सहजता पर उनके सरल स्वभाव पर व प्रभु भक्ति मार्ग पर चलने की सराहना।

एमएलसी रमा आरपी निरंजन द्वारा ग्राम रवा में संयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम कथा मे हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की प्रदक्षिणा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
वही कथा व्यास जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ. स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने अपने भक्तो को मत्री जी के आगमन पर सीताराम सीताराम भजन सुनाया।

विश्वामित्र और दशरथ के बीच राम जी को लेकर कथा सुनाई ।
आगे बताया कि संतों का स्वभाव होता है कि अपने भक्तों को अपनी माला पहना देते है।
इस दुनिया में धन के लिए पद के लिए अपने स्वार्थ के लिए व सत्य और धर्म को त्यागने वाले लोग गली गली में मिल जाते हैं।
लेकिन भगवान के लिए जो सत्य का भी त्याग करते उससे बड़ा त्यागी आदमी नहीं मिलेगा विश्वामित्र जी दशरथ जी पर अत्यधिक प्रसन्न हुए।
वही विश्वामित्र और वशिष्ठ जी दृष्टांत पर भी चर्चा की।
वही मंच पर विराजमान परम श्रद्धेय अयोध्या रंग महल पीठाधीश्वर रसिकाचार्य स्वामी रामशरण दास जी महाराज का उद्बोधन हुआ उन्होंने सर्वप्रथम शंकराचार्य जी की आगमन पर रामधुन सीताराम किया गया।

उन्होंने कहा यज्ञ करना अलग चीज है यज्ञ की परंपरा क्या है ।यज्ञ में कैसे रहना है यह जरूर जाने का विषय है।
एक में हमें कैसे बैठना कैसी संतों का स्वागत करना यह सब जान लिया तो यज्ञ की पूर्ण आहुति हो जाएगी
आगे उन्होंने कहा कि “संत मिलन को जाइए तज मान मोह अभिमान, ज्यों-ज्यों पग आगे बढ़े कोटि यज्ञ समान। “
आगे उन्होंने कहा कि यज्ञ की परंपरा है कि गांव का छोटे से छोटा व्यक्ति भी न छूट पाये यह ध्यान रखे।

वही महाराज जी ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सहजता पर उनके सरल स्वभाव पर व प्रभु भक्ति मार्ग पर चलने की प्रशंसा की। वह धर्म की तो भुजा है।

तदोपरांत एम एल सी रमा आर पी सिंह निरंजन ने सभी मंचस्थो का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, जिसे कोई नहीं अपनाता उसे राम अपनाते हैं। भगवान तो भाव के भूखे हैं, जो भी उन्हें भावपूर्वक भजता है वे उसी के हो जाते हैं।वही मंत्री जी ने प्रयागराज में महाकुंभ के लिए सभी भक्तों को योगी की ओर से शासन की ओर से आमंत्रित किया कहा आप सभी के पहुंचने पर सरकार आपके स्वागत में तत्पर रहेगी। साथ ही स्वच्छता का काफी ध्यान रखा गया है।साथ ही उन्होंने कहा कि भक्ति के साथ-साथ अपने माता-पिता की सेवा में भी पीछे मत रहो।
आगे कहा कि बस आप योगी और मोदी पर विश्वास करें आपके लिये सब अच्छा होता जाएगा।

कथा विश्राम पर परीक्षित रमा आरपी निरंजन सहित सभी ने पुराण की आरती की वही भक्तो ने प्रसाद ग्रहण किया

वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा कथा व मेला प्रांगण में समुचित सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा गया।

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