बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गूंजा जनसैलाब: गांव-गांव पांव यात्रा के दूसरे चरण का उरई में भव्य समापन

रिपोर्ट: कार्तिकेय गुबरेले 

उरई। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में निकाली जा रही गांव-गांव पांव यात्रा के दूसरे चरण का समापन उरई में हुआ।

इस पदयात्रा का नेतृत्व बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला कर रहे थे, जो एसआर इंटर कॉलेज से टाउन हॉल तक यात्रा में शामिल हुए। जनसभा में उन्होंने अलग राज्य की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे बुंदेलखंड के भविष्य की लड़ाई बताया।

अपने संबोधन में राजा बुंदेला ने रोजगार के अभाव के कारण युवाओं के पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डकैत तो अब नहीं रहे, लेकिन रोजगार के अवसरों की कमी ने लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। बुंदेलखंड की 67% आबादी रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन कर रही है, जबकि क्षेत्र में सात नदियों का पानी बहता है, फिर भी किसान प्यासे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि कब तक यह उपेक्षा जारी रहेगी और कहा कि जब तक अलग राज्य नहीं बनेगा, तब तक क्षेत्र में विकास संभव नहीं होगा।

 

उन्होंने आगे कहा कि बुंदेलखंड की अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराएं हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर वह पहचान नहीं मिली जिसकी वे हकदार हैं। टूटी-फूटी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की कमी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कें तो ठीक हैं, लेकिन गांवों को जोड़ने वाली सड़कें अब भी बदहाल हैं। अलग राज्य बनने से रोजगार और अन्य विकास के अवसरों में सुधार होगा।

 

पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों, व्यापारियों और किसानों ने फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया। कई संगठनों और ग्राम प्रधानों ने समर्थन पत्र देकर पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग का समर्थन किया। सभा में विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य का निर्माण क्षेत्र की तरक्की का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए राजा बुंदेला ने कहा कि भाजपा छोटे राज्यों की समर्थक है, और उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2027 तक बुंदेलखंड राज्य की घोषणा हो जाएगी। लेकिन इसके लिए जनसामान्य की आवाज सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।

 

उन्होंने क्षेत्र में विकास की कमी की बात करते हुए कहा कि बुंदेलखंड में न IIT है, न एम्स, न खेल स्टेडियम, न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई प्रतिनिधित्व। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 70 सालों में सरकारों ने क्षेत्र की संपदा लूटने का काम किया है, जबकि यहां के लोगों को केवल वादों का झुनझुना ही मिला है। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

 

सभा में डॉ. आश्रय सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, दीपक पांडेय, शिवम चौहान सोनू और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने यात्रा और आंदोलन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।

 

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कार्तिकेय गुबरेले(पत्रकार) जिला ब्यूरो चीफ क्राइम फोकस न्यूज 24×7 उरई (जालौन)