जिया माँ साहित्य मंच की 44वीं काव्य गोष्ठी में आतंकवाद के खिलाफ गूँजी आवाज़, आशुकवि डॉ. रामनिवास तिवारी का नाम पहुँचा अमेरिका तक

बेंगलुरु में आयोजित जिया माँ साहित्य मंच की 44वीं काव्य गोष्ठी “आतंक को मिटाना है” अत्यंत गरिमामय माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह गोष्ठी 23 नवंबर को आयोजित की गई, जिसमें देशभर के कई शहरों से वरिष्ठ व युवा कवियों ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।

इसी कार्यक्रम में शिरकत करने वाले गढ कुडार निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. रामनिवास तिवारी ‘आशुकवि’ का नाम और चित्र अमेरिका (USA) के प्रतिष्ठित समाचारपत्र ‘हम हिंदुस्तानी’ में प्रकाशित हुआ। इससे न सिर्फ गढ कुडार, बल्कि निवाड़ी जिला और पूरा बुंदेलखंड गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

डॉ. तिवारी अब तक 2100 से अधिक सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं और देश-विदेश के कई मंचों पर बुंदेलखंड का नाम रोशन कर चुके हैं। उनका कहना है—
“यह सब माँ गिद्ध वाहिनी देवी की असीम कृपा है।”

काव्य गोष्ठी की प्रमुख झलकियाँ

कार्यक्रम की अध्यक्षता बेंगलुरु की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बीना मेदिनी ने की।

मुख्य अतिथि पटना से पधारीं विभा श्रीवास्तव रहीं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में पूनम कतरियार व अर्चना कुमारी ने सहभागिता निभाई।

मंच की संस्थापिका रीता सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और अर्चना कुमारी ने जिया माँ की वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।

विभिन्न शहरों से आए कवियों—
■ मुंबई से चंद्रमोहन नीले,
■ कोटा से लेफ्टिनेंट किशोर सिंह राठौर,
■ बेंगलुरु से नमिता सिन्हा व गीता चौबे ‘गूंज’,
■ छत्तीसगढ़ से डॉ. मधुकर राव लारोकर,
■ मध्य प्रदेश से डॉ. रामनिवास तिवारी ‘आशुकवि’,
■ तथा बिहार से डॉ. आलोक राज—
ने आतंकवाद के खिलाफ सशक्त काव्य प्रस्तुति दी।

मुख्य अतिथि विभा श्रीवास्तव और डॉ. वीना मेदिनी की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अन्य कवियों की रचनाओं ने भी कार्यक्रम में विशेष रंग भरा।

समारोह का संचालन उमेश गुप्ता ने किया और अंत में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

निवाड़ी जिले के गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों ने डॉ. रामनिवास तिवारी ‘आशुकवि’ को हार्दिक बधाइयाँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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