मेरठ में अपनी भाभी निदा की हत्यारोपी रिमिशा की गिरफ्तारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने “अवैध” करार दिया और 24 घंटे में उसकी रिहाई का आदेश दिया है
मेरठ के लिसाड़ीगेट थानेदार दलवीर सिंह ने 12 जुलाई को रिमिशा की गिरफ्तारी उसके घर से की थी. रिमिशा को 2 दिन थाने में रखा गया और 14 जुलाई को कोर्ट में पेश किया गया. रिमिशा के वकील ने उसकी “अवैध पुलिस हिरासत” पर सवाल खड़े करते हुए CJM कोर्ट से थाने की CCTV फुटेज मांगी थी. पुलिस ने झूठा बहाना बनाया कि कैमरे खराब है और रिकॉर्डिंग नही हो रही है.
हाईकोर्ट में हुई अपील में कोर्ट ने माना कि सच्चाई छुपाने के लिए गिरफ्तारी मेमो में गलतियां की गयी. गिरफ्तारी का वक्त ओवरराइटिंग किया गया और गवाहों के नाम समेत कई कालम खाली रखे गये.
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी, हिरासत और रिमांड को अवैध मानते हुए CJM मेरठ को रिमिशा की 24 घंटे में रिहाई का आदेश दिया.
रिमिशा के ऊपर अपनी भाभी की चाकू से हत्या करने के आरोप है.
निदा के अवैध संबध अपने पति के दोस्त उवैश से थे. वारदात के 8 महीने पहले निदा ने शौहर को गुमराह करके उवैश की शादी अपनी ननद रिमिसा से करा दी. रिमिशा को शादी के बाद पता चला कि उसका शौहर तो उसकी भाभी का आशिक है. इस बात को लेकर घर के किचिन में भाभी के साथ रिमिशा का झगड़ा हुआ और किचिन नाइफ से रिमिशा ने अपनी भाभी निदा को मार डाला.
रिमिशा का भाई मेरठ शहर के नामचीन एम्पायर टेलर्स का मालिक है.






