देवरिया की पूर्व डीएम दिव्या मित्तल ने IAS के बाद राजनीति में रखा कदम, बोलीं- किसी दल के साथ नहीं जुड़ूंगी
देवरिया/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब अपने करियर की नई दिशा तय कर ली है। करीब 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने मंगलवार को वीडियो संदेश जारी कर राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करेंगी।
दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों से जुड़ा रहा है। वह देवरिया, मिर्जापुर और संत कबीरनगर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के बाद अगस्त 2026 में उन्होंने आईएएस सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
विकास कार्यों से बनी अलग पहचान
दिव्या मित्तल के प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान विकास और जनसमस्याओं से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे। विशेष रूप से मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए दूरस्थ क्षेत्र के एक गांव में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने की पहल का उल्लेख उनकी प्रशासनिक यात्रा के संदर्भ में किया गया है। उनके इस्तीफे के बाद भी उनके प्रशासनिक कार्यों को लेकर चर्चा बनी रही।
देवरिया में जिलाधिकारी रहते हुए भी उनकी कार्यशैली और जनसरोकार से जुड़े प्रशासनिक प्रयासों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा रही। यही वजह है कि उनके आईएएस से इस्तीफा देने के बाद उनके अगले कदम को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे।
IAS की नौकरी छोड़ने के बाद राजनीति का रास्ता
29 सितंबर को जारी अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि वह अब राजनीति में प्रवेश करेंगी। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कई बार आम लोगों की समस्याएं सरकार तक पहुंचने के बावजूद उनका समाधान नहीं हो पाता। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने राजनीति के माध्यम से लोगों के मुद्दों को सीधे उठाने का फैसला किया है।
दिव्या मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक यात्रा किसी स्थापित राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी। उन्होंने जनता के साथ मिलकर स्वतंत्र राजनीतिक मंच और राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है। उत्तर प्रदेश को उन्होंने अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान किया है।
जनता के मुद्दों को राजनीति के केंद्र में रखने की बात
अपने वीडियो संदेश में पूर्व आईएएस अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसी समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति या नेतृत्व को बदलना नहीं, बल्कि राजनीति के काम करने के तरीके में बदलाव लाना है।
दिव्या मित्तल ने शिक्षकों, किसानों, छात्रों, डॉक्टरों, मजदूरों और वकीलों समेत अलग-अलग वर्गों के लोगों से अपनी पहल से जुड़ने की अपील भी की है।
प्रशासनिक सेवा से सियासत तक नई शुरुआत
दिव्या मित्तल का सफर अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। IAS अधिकारी के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब वह स्वतंत्र राजनीतिक यात्रा के जरिए जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक ढांचा और आगामी चुनावों को लेकर विस्तृत योजना अभी सामने नहीं आई है।
देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम कर चुकीं दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश के ऐलान के बाद उनके पुराने प्रशासनिक कार्यकाल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक अनुभव के बाद शुरू हुई उनकी यह नई राजनीतिक यात्रा किस रूप में आगे बढ़ती है।




