पंजाब को मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, गौरव यादव बने नियमित DGP
■ नशा तस्करी और संगठित अपराध पर रहेगा फोकस
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे गौरव यादव की नियुक्ति के संबंध में सरकारी आदेश जारी किया गया है। इस नियुक्ति के साथ पंजाब पुलिस को स्थायी नेतृत्व मिल गया है।
लंबे इंतजार के बाद नियमित नियुक्ति
पंजाब सरकार ने स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को 14 आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजे थे। नियुक्ति की प्रक्रिया लंबे समय तक लंबित रहने के कारण यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा था। इसके बाद नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज हुई।
नशा तस्करी और संगठित अपराध पर विशेष जोर
पदभार संभालने के बाद गौरव यादव ने पंजाब में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई। उनकी प्राथमिकताओं में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को तेज करना, संगठित अपराध पर लगाम लगाना, बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत करना तथा पुलिस बल का आधुनिकीकरण शामिल है।
उन्होंने नागरिकों से भी सुरक्षित पंजाब के निर्माण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
दो वर्ष का कार्यकाल, 2029 में होंगे सेवानिवृत्त
सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में पुलिस प्रमुख की नियुक्ति और कार्यकाल को लेकर दिए गए निर्देश महत्वपूर्ण हैं। निर्धारित नियमों के अनुसार, डीजीपी का कार्यकाल सामान्यतः पदभार ग्रहण करने की तारीख से कम-से-कम दो वर्ष का होता है, हालांकि लागू कानूनी प्रावधान और सेवा संबंधी शर्तें भी प्रभावी रहती हैं।
गौरव यादव का जन्म 16 अप्रैल 1969 को अमृतसर में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला बताया जाता है। उनके पिता कर्नल भगवती प्रसाद यादव भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। गौरव यादव ने पुलिस प्रशासन में उच्च शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1992 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया।
पंजाब पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां
नियमित डीजीपी की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश, संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं। अब गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की आगामी रणनीति और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
Focus News 24×7 | राष्ट्रीय समाचार
नोट: प्रकाशन से पहले नियुक्ति आदेश, कार्यकाल और न्यायालय की समयसीमा की आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि कर लें।





