शिक्षा के साथ साथ संस्कार मिलना आज की महती आवश्यकता है – राकेश
अनुशासित जीवन जीना है तो विद्या मन्दिर की शिक्षा जरूरी है – पाठक
उरई जालौन सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज झांसी रोड मे सेवा निवृत्त आचार्य शिवकुमार राठौर की अध्यक्षता व वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद, अरविन्द, माधुरी तिवारी महाविद्यालय के प्राचार्य डा राकेश द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य एवं हदरुख के महाविद्याल मे शिक्षा शास्त्र के प्राध्यापक वाला प्रसाद पाठक, प्रबंध समिति के सदस्य लक्ष्मणदास बाबानी के विशिष्ट आतिथ्य मे अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संचालन की जिम्मेदारी सभाली छात्रावास अधीक्षक ओमप्रकाश उदैनियां ने! गोष्ठी की शुरुआत विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर उनके पूजन अर्चन से की गयी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अतुल कुमार बाजपेयी ने गोष्ठी की प्रस्ताविकी रखते हुये बताया कि गोष्ठी क्यो आवश्यक है इससे अभिभावक और विद्यालय परिवार मिलकर बच्चे की प्रगति मे सहायक होता है।
मुख्य अतिथि डा राकेश कुमार द्विवेदी ने कहा आज शिक्षा तो सभी जगह दी जा रही है लेकिन संस्कारो का अभाव रहता है संस्कार युक्त जीवन ही सफल जीवन है जो सरस्वती विद्या मन्दिर मे ही सम्भव है! हम और आप मिलकर बच्चे को आदर्श नागरिक वना सकते है! विशिष्ट अतिथि वाला प्रसाद पाठक ने अपने उदबोधन मे कहा यदि आदर्श जीवन जीना है तो विद्या भारती के विद्यालयो मे शिक्षा ले ।
सरस्वती विद्या मन्दिर आदर्श नागरिक वनाने के कारखाने है! मंचस्थ अतिथियो के अलावा अभिभावका अर्चना सिंह, अभिभावक रविशंकर द्विवेदी, सत्येन्द्र त्रिपाठी, आदि ने अपने सुझाव रखे! अन्त मे गोष्ठी के अध्यक्ष शिवकुमार राठौर ने अध्यक्षीय उदबोधन देकर गोष्ठी का समापन किया।
मंचस्थ रहे विद्यालय के उप प्रधानाचार्य राजेश गुप्ता, गोष्ठी के संयोजक यजुवेन्द्र शर्मा आदि।
गोष्ठी के पूर्व अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओ की उत्तर पुस्तिकाओ का अवलोकन अभिभावको द्वारा किया गया।
सभी का आभार ज्ञापित किया गया व्यवस्था प्रमुख आचार्य कामता प्रसाद त्रिपाठी द्वारा! इस दौरान अभिभावक और विद्यालय परिवार उपस्थित रहा!





