काव्य गोष्ठी के बीच याद किए गए स्वामी विवेकानंद 

 

श्रीरामपुर में आयोजित हुआ एक शाम स्वामी विवेकानंद के नाम कार्यक्रम

भाटपार रानी,देवरिया।शुक्रवार को

बनकटा विकास खण्ड के एसडीडीएस एकेडमी श्रीरामपुर के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद की जयन्ती काव्य गोष्ठी के बीच मनाई गई।इस दौरान एक शाम स्वामी विवेकानंद के नाम कार्यक्रम में रचनाकरों ने अपनी रचनाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्शो पर प्रकाश डाला।इस दौरान कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपनी रचना–जीवन अपना समर्पित करके दिया सबको आनन्द, अमर रहेंगें सदा दुनिया में स्वामी विवेकानंद—–प्रस्तुत कर स्वामी जी के विचारों को विस्तार से रखा।वहीं शायर जियाउल्लाह अंसारी ने अपनी रचना– तू शान है भारत की तेरी मस्ती फकीराना, तू ज्ञान का दीपक है संसार है परवाना—पेश कर वाहवाही बटोरी।रचनाकार डॉ वेदप्रकाश तिवारी ने अपनी रचना- एक दीपक तुम जलाओ, एक दीपक हम जलाएं, इस अखण्ड भारत को खण्ड होने से बचाएं—प्रस्तुत किया।पं० मधुसूदन द्विवेदी ने गीत,भजन व नात पेशकर सबका मन मोह लिया।डॉ रंगीला हिंदुस्तानी ने नए साल का गीत प्रस्तुत किया।रविन्द्र सिंह कुशवाहा ने समाज सुधार से सम्बंधित कविता प्रस्तुत किया।इं० प्रमोद चौधरी ने शानदार ग़ज़ल प्रस्तुत किया। पंकज निराला ने भी गीत व कविता प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर रविन्द्र यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ढोंग व पाखण्ड का खुलकर विरोध करते हुए सर्व धर्म समभाव, आपसी एकता, अखण्डता व भारतीय संस्कृति के लिए आजीवन कार्य किया।अतः उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। पत्रकार मनोज भारती ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने सनातन के वास्तविक स्वरूप से दुनिया को अवगत कराया। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ दिलीप कुमार व प्रधानाचार्या डॉ सरोज बरनवाल ने आए हुए रचनाकारों व अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें स्वामी विवेकानंद के बताए रास्ते पर चलकर देश व समाज की उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए।यहां मुख्य रूप से उप प्रधानाचार्य विवेक ठाकुर,सुशील सिंह, अमानत अंसारी, सोनामती कुशवाहा, सुषमा राय, नीतू कुशवाहा, मनीषा यादव,नन्दनी पांडेय, सुषमा भारती, राहुल कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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