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कमाई के ट्रैक पर बदला एनसीआर का बादशाह, प्रयागराज एक्सप्रेस पिछड़ी

झांसी मंडल की खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस बनी नई रेवेन्यू क्वीन
प्रयागराज की पहचान मानी जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस को इस बार उत्तर मध्य रेलवे में कमाई के ताज से हाथ धोना पड़ा है। लंबे समय तक एनसीआर जोन की सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली ट्रेन रही प्रयागराज एक्सप्रेस वर्ष 2025 में टॉप थ्री से भी बाहर हो गई, जबकि झांसी मंडल की खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस ने नया इतिहास रच दिया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस ने बीते वर्ष यात्रियों की जबरदस्त पसंद और लगातार बेहतर बुकिंग के दम पर करीब 40 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। यह ट्रेन न सिर्फ कमाई में नंबर एक रही, बल्कि इसमें सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी छह लाख से ज्यादा रही, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
वहीं प्रयागराज एक्सप्रेस, जो कभी एनसीआर की “वीआईपी ट्रेन” कही जाती थी, इस बार चौथे पायदान पर सिमट गई। इसके राजस्व में भले ही गिरावट मामूली रही हो, लेकिन रैंकिंग में बदलाव ने रेलवे अधिकारियों को भी चौंका दिया है।
कमाई की दौड़ में दूसरा स्थान प्रयागराज–डा. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस को मिला, जिसने उज्जैन और इंदौर रूट पर लगातार यात्रियों का भरोसा बनाए रखा। तीसरे नंबर पर सूबेदारगंज–श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा जम्मू मेल रही, जिसका संचालन सीमित रूट तक होने के बावजूद शानदार रहा।
दिलचस्प बात यह रही कि इस बार हाई-स्पीड सेमी प्रीमियम ट्रेन खजुराहो–निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस ने भी पहली बार टॉप टेन में जगह बना ली, जिससे यह साफ हो गया कि यात्री अब तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक ट्रेनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि “संरक्षा, समयपालन और बेहतर सेवा” ही इस बदलाव की असली वजह है। खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस इसका ताजा उदाहरण बनकर उभरी है, जिसने बिना किसी प्रचार के यात्रियों का भरोसा जीत लिया।
एनसीआर में बदली यह रेवेन्यू रैंकिंग आने वाले समय में ट्रेनों की प्राथमिकता और निवेश दिशा भी तय कर सकती है।

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