मूक-बधिर बच्चों के लिए राहत की बड़ी पहल: कॉक्लियर इम्प्लांट पर ₹6 लाख तक अनुदान, 25 अप्रैल तक आवेदन
देवरिया: जनपद के मूक-बधिर बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य सरकार ने कॉक्लियर इम्प्लांट योजना को सक्रिय रूप से लागू किया है। इस योजना के तहत 0 से 5 वर्ष तक के ऐसे बच्चों को, जो सुनने और बोलने में असमर्थ हैं, आधुनिक तकनीक के जरिए नई जिंदगी देने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट चयनित अस्पतालों में कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए सरकार प्रति बच्चे लगभग ₹6 लाख तक का अनुदान दे रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट के माध्यम से श्रवण बाधित बच्चों को सुनने और बोलने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है, जिससे उनका सामाजिक और शैक्षिक जीवन बेहतर बन सकता है।
आवेदन प्रक्रिया:
इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज अनिवार्य हैं—
दिव्यांग प्रमाण पत्र
यूडीआईडी कार्ड
आधार कार्ड
बच्चे की फोटो
माता-पिता का आय प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र
सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र विकास भवन, कक्ष संख्या-17, देवरिया स्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय में 25 अप्रैल 2026 तक जमा करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार, आवेदन प्राप्त होने के बाद बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा और पात्र पाए जाने पर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
उद्देश्य:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रवण बाधित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन को आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाना है।





