स्फटिक का श्रीयंत्र घर लाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है व झाड़ू खरीदना है
धनतेरस त्योहार को लेकर मत्स्य पुराण में बताया गया है कि इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ होता है। झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक बताया गया है।
धनतेरस पर्व पर नए बर्तन खरीदना चाहिए। चांदी के बर्तन खरीदने की क्षमता न हो तो इस दिन पीतल के बर्तन भी खरीद सकते हैं।
हिंदू धर्म में दीपावली सबसे बड़ा त्योहार है। 5 दिनों तक मनाया जाने वाला ये त्योहार धनतेरस पर्व के साथ शुरू हो जाता है। धनतेरस के बाद नरक चतुर्दशी दीपावली गोवर्धन पूजा और आखिर में भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान धन्वंतरि भी सागर मंथन के दौरान प्रकट हुए थे और उस दौरान उनके हाथ में अमृत कलश था। इसलिए धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ-साथ पीतल के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
धनतेरस के दिन घर में दक्षिणावर्ती शंख लाना शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि शंख से देवी लक्षणी अत्यंत प्रसन्न होती है और घर में प्रवेश करती है। इस दिन रुद्राक्ष की माला खरीदना भी अच्छा होता है।
धनतेरस के दिन वाहन खरीदना भी शुभ माना जाता है। इस दिन यदि आपको कार खरीदना है तो कार का भुगतान पहले ही कर देना चाहिए। धरतेरस की दिन पैसे का भुगतान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और बिजली के उपकरण भी खरीद सकते हैं।
स्फटिक का श्रीयंत्र घर लाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है। धनतेरस पर घर में स्फटिक का श्रीयंत्र लगाने के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करना चाहिए। इस श्रीयंत्र को केसरिया कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखना चाहिए। जिससे पूरे वर्ष बरकत बनी रहती है।
हिंदू पंचांग के मुताबिक धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक इस साल धनतेरस पर्व 10 नवंबर को 11.47 बजे से शुरू होगा और इस तिथि का समापन 11 नवंबर को दिन के 1.13 बजे तक रहेगा।
इस बार धनतेरस पर्व पर शुभ योग का निर्माण हो रहा है। ग्रह दशा के मुताबि धनतेरस पर इस बार शुक्र ग्रह कन्या राशि में मौजूद रहेंगे। वहीं चन्द्रमा भी कन्या राशि में ही विराजमान होंगे। ऐसे में शशि योग का निर्माण हो रहा है। करीब 30 साल बाद शनि धनतेरस पर अपनी ही मूलत्रिकोण राशि कुम्भ में मार्गी रहेंगे।
डिसक्लेमर
यहाँ लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है।
सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं।
हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’





