E. Sreedharan का नया दांव: 200 मिनट में 465 किमी, किराया सिर्फ ₹780

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली। भारतीय रेल की रफ्तार का चेहरा मानी जाने वाली Vande Bharat Express को अब एक नई चुनौती मिल गई है। ‘मेट्रोमैन’ के नाम से मशहूर ई. श्रीधरन ने केरल के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (KHSR) का ऐसा ब्लूप्रिंट पेश किया है, जो समय और किराए—दोनों के गणित को बदलने का दावा करता है।
प्रस्ताव के अनुसार, तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से कन्नूर तक की 465 किलोमीटर दूरी महज 200 मिनट (3 घंटे 20 मिनट) में पूरी की जा सकेगी। मौजूदा समय में यही सफर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 6 घंटे 48 मिनट में तय करती है।
आधा समय, 60% किराया
इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका किराया है।
प्रस्तावित शुरुआती किराया: ₹780
वंदे भारत एसी चेयर कार: लगभग ₹1,280
वंदे भारत एग्जीक्यूटिव क्लास: लगभग ₹2,435
यानी यात्रियों को लगभग 40% सस्ता टिकट और करीब आधा समय—दोनों का लाभ मिल सकता है।
180 किमी/घंटा की रफ्तार
डिजाइन स्पीड: 200 किमी/घंटा
परिचालन गति: 180 किमी/घंटा
कुल दूरी: 465 किमी
कुल स्टेशन: 20 (औसतन 20–30 किमी के अंतर पर)
यह कॉरिडोर राज्य के तीनों प्रमुख हवाई अड्डों को भी जोड़ेगा, जिससे मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
आधुनिक और ‘प्रीमियम’ सफर
ट्रेन में केवल प्रीमियम क्लास कोच होंगे।
शुरुआत में 8 कोच (560 यात्री क्षमता)
भविष्य में 12 कोच तक विस्तार
हर कोच में तीन चौड़े दरवाजे
व्हीलचेयर और बेबी प्रैम के लिए आसान आवाजाही
छोटी यात्रा अवधि को देखते हुए ट्रेन में केटरिंग सुविधा नहीं होगी।
हर 30 मिनट में ट्रेन
पीक आवर्स: हर 30 मिनट
नॉन-पीक: हर 1 घंटा
भविष्य में 5 मिनट के अंतराल तक सेवा की संभावना
अनुमानित दैनिक यात्री क्षमता: 5 लाख से अधिक
लागत और समय सीमा
पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹54,000 करोड़ है, जो निर्माण अवधि और महंगाई जोड़कर ₹56,500 करोड़ तक पहुंच सकती है। निर्माण कार्य को 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बदलेगा दक्षिण का ट्रैवल मॉडल?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह परियोजना मंजूर होती है, तो यह न केवल केरल के उत्तर और दक्षिण को तेज रफ्तार से जोड़ेगी, बल्कि देश में किफायती हाई-स्पीड रेल का नया मॉडल भी पेश कर सकती है।
सवाल अब यह है—क्या यह प्रस्ताव भारतीय रेल की मौजूदा व्यवस्था को नई दिशा देगा या सिर्फ एक विजन डॉक्यूमेंट बनकर रह जाएगा?

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