जालौन में गहोई वैश्य समाज ने मनाई राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती
जालौन। नगर की गहोई वैश्य धर्मशाला में गहोई वैश्य समाज द्वारा राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मैथिलीशरण गुप्त ने हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया तथा राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य किया। उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ ‘भारत-भारती’, ‘साकेत’ और ‘यशोधरा’ आज भी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समारोह के दौरान एमएल कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया, जिस पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के आदर्शों पर चलने तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया गया।
रिपोर्ट: महेश चौधरी, जालौन।





