नाथद्वारा में उड़ रहा आस्था का गुलाल
■ Shrinathji Temple में फागोत्सव LIVE रिपोर्ट
नाथद्वारा। फाल्गुन मास के पावन अवसर पर नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में फागोत्सव पूरे भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर गुलाल की रंगत, पुष्पों की सुगंध और “जय श्रीनाथजी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सर्वप्रथम हुई गोपालजी की आरती
फागोत्सव की शुरुआत परंपरा अनुसार गोपालजी की मंगल आरती से हुई। विशेष वसंत श्रृंगार में सजे ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे। आरती के दौरान शंखनाद और घंटियों की गूंज ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
प्रभु के समक्ष सखियों का नृत्य
आरती के पश्चात प्रभु के समक्ष सखियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगी चुनरियों और घाघरा-ओढ़नी में सजी सखियों का नृत्य देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। नृत्य के दौरान फाग के पद गाए गए, जिनमें राधा-कृष्ण की होली लीलाओं का सजीव वर्णन था।
मंदिर द्वार पर गूंजे होली के रसिया
इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर होली के पारंपरिक रसिया गाए गए। ढोलक, मंजीरा और झांझ की ताल पर भक्ति-रस से सराबोर प्रस्तुतियां दी गईं। खास बात यह रही कि ब्रजभूमि से आई सखियों ने वृंदावन की शैली में फाग और रसिया प्रस्तुत कर माहौल को और भी रंगमय बना दिया।
ब्रज के लोकस्वर और नृत्य ने मानो नाथद्वारा को कुछ पल के लिए वृंदावन बना दिया। श्रद्धालु भी गुलाल उड़ाते हुए भजनों पर झूमते नजर आए।
सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम
मंदिर प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दर्शन की सुचारु व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई।
भक्ति और उल्लास का संगम
फागोत्सव के इन दृश्यों ने यह साबित कर दिया कि नाथद्वारा में होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम का उत्सव है। श्रीनाथजी के चरणों में अर्पित हर गुलाल का कण श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आनंद का प्रतीक बन गया।
नाथद्वारा से LIVE – रंगों में रची-बसी भक्ति की यह अद्भुत छटा श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की याद बन गई।





