एक सांसद यह कैसे कह सकता है धरना प्रदर्शन को अपमानित करते हुए कि किसान आंदोलन में रेप हो रहे थे और लाशें टांगी जा रही थी ।
यहाँ प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कंगना रानौत को भाजपा तत्काल निष्कासित करे।
देश के विकास में कृषि का भी विशेष योगदान है भारत मे हम सब किसान पुत्र हैं और हमारी रगों में किसानी लहू बहता है, कंगना रानौत को भाजपा तत्काल निष्कासित करे।
किसी देश के विकास में उद्योग धंधों के साथ- साथ कृषि का भी विशेष योगदान होता है।
मोदी सरकार ने एक तरफ जहां तीन काले कानून थोपने की असफल कोशिश की
वहीं दूसरी तरफ किसानों के साथ समर्थन मूल्य के नाम पर धोखा दिया।
आज भी अन्नदाता अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है।
अपनी जान गवां रहा है, लेकिन केंद्र सरकार को फर्क नहीं पड़ रहा है।
भारत कृषि प्रधान देश शुरू से रहा है । किसान इस देश की रीढ़ है । हमारी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार है किसान और खेती । लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि पिछले दस वर्षों से भी अधिक समय से देश के अन्नदाता यानी किसान को अपने वाजिब हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, गोली खानी पड़ रही है ।
आखिर किसान भी तो हमारे देश के निर्माता हैं ।
लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के ऊपर जूं तक नहीं रेंग रहा है । हद तो तब हो जाती है जब इन्हीं मोदी जी की प्रिय सांसद कंगना रानौत ने अभी कल ही अपने एक वक्तव्य में देश के अन्नदाताओं द्वारा पिछले वर्ष काले कानूनों के खिलाफ किए गए धरना प्रदर्शन को अपमानित करते हुए कहा कि किसान आंदोलन में रेप हो रहे थे और लाशें टांगी जा रही थी ।
आज की पत्रकारवार्ता में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू,गुलशन अली, डॉक्टर राजेश गुप्ता,वकील अंसारी,राजीव राम,रोहित दुबे,सुभम सिंह,मो उज्जैर,आसिष गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।





