IAS अफसर अवि प्रसाद की तीसरी शादी: निजी फैसला, लेकिन चर्चा देशभर में

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी अवि प्रसाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई प्रशासनिक निर्णय या नई नियुक्ति नहीं, बल्कि उनकी तीसरी शादी है, जिसने प्रशासनिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।
तीसरी शादी से चर्चा तेज
अवि प्रसाद ने हाल ही में 2017 बैच की IAS अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है। यह विवाह दोनों पक्षों के पूर्व वैवाहिक संबंधों के विधिवत समाप्त होने (तलाक) के बाद हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी तरह से दोनों का निजी और व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन खास बात यह है कि अवि प्रसाद की तीनों पत्नियां IAS अधिकारी रही हैं — जो इस शादी को और अधिक चर्चा का विषय बना रही है।
तीनों पत्नियां रहीं IAS अधिकारी
पहली पत्नी — 2014 बैच की IAS अधिकारी
दूसरी पत्नी — 2016 बैच की IAS अधिकारी
तीसरी पत्नी — 2017 बैच की IAS अधिकारी अंकिता धाकरे
इस अनोखे संयोग को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अवि प्रसाद उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मूल निवासी बताए जाते हैं। वे 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं।
उन्होंने मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद (MP Employment Guarantee Council) में CEO के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं।
प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और पारदर्शी प्रशासन को लेकर कई पहल कीं, जिनकी सराहना भी हुई।
निजी जीवन बनाम सार्वजनिक पद
हालांकि IAS जैसे शीर्ष पद पर आसीन अधिकारियों का जीवन अक्सर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन जाता है, लेकिन विवाह और निजी संबंध पूरी तरह व्यक्तिगत क्षेत्र में आते हैं।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई शादी को लेकर कोई प्रशासनिक या कानूनी विवाद सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि
“लोक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के निजी जीवन और उनके प्रशासनिक दायित्वों को अलग-अलग नजरिए से देखना चाहिए।”
क्यों बन गई यह खबर खास?
इस विवाह की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि:
अवि प्रसाद की यह तीसरी शादी है।
तीनों जीवनसाथी IAS अधिकारी रही हैं।
प्रशासनिक सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों का विवाह स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लोग इसे “संयोग” बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे “IAS सर्किल की चर्चित शादी” कह रहे हैं। हालांकि दोनों अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
अवि प्रसाद और अंकिता धाकरे का यह विवाह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के बाद लिया गया निजी निर्णय है। एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में अवि प्रसाद का प्रशासनिक रिकॉर्ड अलग पहचान रखता है, जबकि उनके निजी जीवन का यह अध्याय अब सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया है।

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