जालौन की ऐतिहासिक रामलीला | ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और गंगा पार की अद्भुत लीला
नमस्कार, आप देख रहे हैं Focus News 24×7 और देखे जालौन की ऐतिहासिक रामलीला में आज भव्य मंचन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुनि याचना, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और गंगा पार की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सुदूर अंचल से आए बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
रामलीला का प्रारंभ महाराज दशरथ के दरबार से हुआ, जहाँ विश्वामित्र जी के आगमन और उनके द्वारा यज्ञ रक्षा हेतु राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
यज्ञ रक्षा के दौरान भगवान श्रीराम ने एक ही बाण से राक्षसी ताड़का का वध किया और मारीच तथा सुबाहु को सौ योजन दूर फेंक दिया।
इस अद्भुत दृश्य के दौरान आकाश से पुष्प वर्षा का मंचन हुआ और ऋषि-मुनियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भगवान श्रीराम की स्तुति की।
इसके बाद अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन हुआ, जहाँ भगवान श्रीराम ने अपने चरण रज से पत्थर बनी अहिल्या को मुक्ति प्रदान की।
अंतिम दृश्य में गंगा पार की सुंदर लीला का मंचन किया गया।
इस दौरान हास्य कलाकार टिल्लू मस्ताना ने अपनी हास्य कला से सबको गुदगुदाया और तितली रानी ने अपने नृत्य से सभी का मन मोह लिया।
भगवान राम की भूमिका मनोज तिवारी कुंवरपुरा ने निभाई, लक्ष्मण की भूमिका सीपू पाराशर खकशीश ने, दशरथ की भूमिका रमेश द्विवेदी सिकरी ने, विश्वामित्र की भूमिका उमेश द्विवेदी क्योलारी ने और ताड़का का प्रभावी अभिनय प्रयाग गुरु ने किया।
जालौन से महेश चौधरी की रिपोर्ट।





