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जेनिफर परेरा का गौरवपूर्ण सफर: भारतीय संसद पुरस्कार से दादासाहेब फाल्के सम्मान और ग्लोबल आइकन अवार्ड तक नई दिल्ली। अभिनेत्री, लेखिका एवं ‘दिवलिशियस मिसेज एशिया यूनिवर्स 2026’ डॉ. जेनिफर परेरा लगातार अपनी उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, सामाजिक योगदान और रचनात्मक कार्यों के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ. जेनिफर परेरा को प्रतिष्ठित भारतीय संसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें माननीय सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि के करकमलों से प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, संविधान क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले द्वारा उनकी पुस्तक का भव्य विमोचन भी किया गया। डॉ. जेनिफर परेरा ने गोवा में भी अपनी उपलब्धियों का परचम लहराया। उन्हें ग्लोबल आइकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की ओर से राज्य के मंत्री सुभाष फलदेसाई द्वारा प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्होंने TIAF इंटरनेशनल अवार्ड भी अपने नाम किया। हाल के समय में उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। मनोरंजन जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए डॉ. जेनिफर परेरा को दादासाहेब फाल्के टेलीविजन अवार्ड, ब्लैक IFFA अवार्ड तथा ICCA इंटरनेशनल कंटेंट क्रिएटर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सिनेमा, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों को देश-विदेश में व्यापक सराहना मिल रही है। अब डॉ. जेनिफर परेरा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। वह ‘Mrs. World International Thailand 2026’ में भाग लेंगी, जहां वह भारतीय संस्कृति, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी। डॉ. जेनिफर परेरा की उपलब्धियों को वैश्विक पहचान भी मिली है। उनकी सफलता की कहानी USA Herald, London Herald, International Fashion Times, Diva Planet, NAMI सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के कवर पेज पर प्रकाशित हो चुकी है। डॉ. जेनिफर परेरा की यह प्रेरणादायक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, समर्पण और निरंतर मेहनत के बल पर राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है। उनकी उपलब्धियां देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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