JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज, परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार से वार्ता बेनतीजा
■ छात्रों ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के साक्ष्य सरकार को सौंपे, अंतिम निर्णय का इंतजार
■ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी धरने को मिला राजनीतिक और सामाजिक समर्थन, अभिनेता पीयूष भी पहुंचे
■ सरकार ने छात्रों से सुझाव मांगे, ई-मेल के जरिए पक्ष रखने की अपील; 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
रांची। 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर झारखंड में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। इसी बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
छात्रों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के चार मंत्रियों के साथ बैठक कर अपनी मांगें और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज सौंपे। सरकार की ओर से इन बिंदुओं पर विचार कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया गया है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार ने मांगे सुझाव
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह के अनुसार, छात्रों के साथ बातचीत सकारात्मक रही है। सरकार ने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों के सुझाव लेने के लिए ई-मेल जारी किया है। सरकार का कहना है कि प्राप्त सुझावों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्टेडियम में आंदोलन जारी
परीक्षा विवाद को लेकर छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू सहित कई नेता स्टेडियम पहुंचे। अभिनेता पीयूष के पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
छात्रों के एक गुट ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का भी ऐलान किया है। वहीं, सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है।





